चुनाव लड़ने की चुनौती पर CM योगी का जवाब, अखिलेश यादव को दिया खुला चैलेंज बोले मैं अयोध्या से चुनाव लड़ने को तैयार...

योगी आदित्यनाथ ने अखिलेश यादव की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती पर जवाब देते हुए उन्हें भी नामांकन करने का चैलेंज दिया। यूपी की राजनीति में बयानबाजी तेज।

Oct 10, 2026 - 23:13
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चुनाव लड़ने की चुनौती पर CM योगी का जवाब, अखिलेश यादव को दिया खुला चैलेंज बोले मैं अयोध्या से चुनाव लड़ने को तैयार...

लखनऊ/अयोध्या। उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के बीच सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अखिलेश यादव की ओर से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से विधानसभा चुनाव लड़ने की चुनौती दिए जाने के बाद अब योगी ने भी पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि वह अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं और अखिलेश यादव को भी वहां से नामांकन करने की चुनौती दी।

योगी आदित्यनाथ ने कहा, “मुझसे कहते हैं कि मुख्यमंत्री जी अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखा दें। अरे अखिलेश जी, अयोध्या हमारा पावन धाम है। मैं इसलिए जाता हूं, जिससे अयोध्या के विकास में कोई कोताही न हो और उत्तर प्रदेश की पहचान पर कोई कलंक न लगे।”

उन्होंने अयोध्या में हुए विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए पूर्ववर्ती सरकार पर भी निशाना साधा। योगी ने कहा कि पहले अयोध्या को बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं के मामले में उपेक्षित रखा गया, जबकि अब अयोध्या रामराज्य की कल्पना और त्रेतायुग की स्मृतियों का उदाहरण बन रही है।

 योगी बोले—चलिए, एक बार किस्मत आजमा ली जाए

अखिलेश यादव की चुनौती का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वह अयोध्या से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने सपा प्रमुख को भी वहीं से चुनाव लड़ने का प्रस्ताव देते हुए कहा, “मैं आपको ऑफर करता हूं। आप भी अयोध्या से नामांकन करिए, मैं भी करता हूं। चलिए, एक बार किस्मत आजमा ली जाए। तय हो ही जाए। लड़ाई चेलों से क्यों, लड़ाई सामने होनी चाहिए।” योगी ने इस दौरान समाजवादी पार्टी पर माफिया के प्रति नरम रुख अपनाने का आरोप लगाते हुए भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जनता पहले भी सपा को सत्ता से बाहर कर चुकी है। मुख्यमंत्री के इस बयान को आगामी विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा और सपा के बीच तेज होती राजनीतिक बयानबाजी के रूप में देखा जा रहा है।

अखिलेश यादव ने क्यों दी थी चुनौती?

दरअसल, समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गुरुवार को अयोध्या में आयोजित श्रीमद्भागवत कथा कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। यह कार्यक्रम सपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री तेज नारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय की ओर से आयोजित किया गया था।

कार्यक्रम में संबोधित करते हुए अखिलेश यादव ने कहा था कि बड़े-बड़े दावे करने वाले मुख्यमंत्री अगर इतने ही आश्वस्त हैं, तो उन्हें खुद अयोध्या से चुनाव लड़कर दिखाना चाहिए।

अखिलेश यादव ने धार्मिक और सामाजिक सद्भाव का उल्लेख करते हुए कहा कि सुदर्शन चक्र सज्जनों की रक्षा के लिए है, उन्हें डराने के लिए नहीं। उन्होंने सत्ता, अहंकार, जातिगत भेदभाव, ऊंच-नीच और छुआछूत जैसे मुद्दों पर भी अपनी बात रखी।

सपा सरकार बनने पर महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये देने का वादा

अखिलेश यादव ने कार्यक्रम के दौरान आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर समाजवादी पार्टी की प्राथमिकताओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में सपा की सरकार बनती है, तो महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।

उन्होंने यह भी कहा कि सपा सरकार बनने पर किसी के साथ भेदभाव नहीं किया जाएगा और दुकानों तथा मकानों को उजाड़ने जैसी कार्रवाई नहीं होगी। अखिलेश ने अयोध्या की अंतरराष्ट्रीय पहचान को मजबूत करने और विकास कार्यों को गति देने की बात भी कही।

विधानसभा चुनाव से पहले तेज हुई सियासी बयानबाजी

उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए भाजपा और समाजवादी पार्टी के बीच राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो रहे हैं। अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर दोनों नेताओं के बयानों ने इस सियासी बहस को नया मोड़ दिया है। हालांकि, योगी आदित्यनाथ और अखिलेश यादव की ओर से एक-दूसरे को चुनौती दिए जाने के बावजूद इन बयानों को औपचारिक चुनावी घोषणा या नामांकन के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। अयोध्या से चुनाव लड़ने को लेकर दोनों नेताओं की आगे की रणनीति और आधिकारिक घोषणा पर नजर रहेगी।

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