नेपाल में तबाही: विनाशकारी बाढ़ में 1,252 की मौत, 4 हजार से ज्यादा लापता

नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ में 1,252 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 4,216 से ज्यादा लोग लापता हैं। राहत और बचाव कार्य तेजी से जारी है।

Sep 4, 2026 - 01:40
Sep 4, 2026 - 01:40
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नेपाल में तबाही: विनाशकारी बाढ़ में 1,252 की मौत, 4 हजार से ज्यादा लापता
Nepal Flood Disaster 2026: मौत का आंकड़ा 1,252 पार, बड़े पैमाने पर तबाही

नेपाल में तबाही: विनाशकारी बाढ़ में 1,252 की मौत, 4 हजार से ज्यादा लापता

काठमांडू। नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,252 हो गई है, जबकि 4,216 से अधिक लोग अब भी लापता हैं। यह जानकारी राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) ने गुरुवार दोपहर तक संकलित रिपोर्ट में दी।

सबसे ज्यादा मौतें इन जिलों में

आपदा का सबसे ज्यादा असर कई जिलों में देखने को मिला है: चितवन: 355 शव बरामद,नवलपरासी पूर्व: 218 शव,नवलपरासी पश्चिम: 208 शव,नुवाकोट: 177 शव,रसुवा: 127 मौतें,इसके अलावा गोरखा, धादिंग और तनहुन में भी बड़ी संख्या में शव बरामद किए गए हैं। अब तक मिले 1,252 शवों में से केवल 95 की ही पहचान हो सकी है।

हजारों लोग अब भी लापता

लापता लोगों में विदेशी नागरिक, जलविद्युत परियोजनाओं के कर्मचारी, सुरक्षाकर्मी और सरकारी कर्मचारी शामिल हैं। जानकारी के अनुसार करीब 900 जलविद्युत परियोजना कर्मी अब भी लापता हैं। अधिकारियों का कहना है कि जैसे-जैसे नई जानकारी सामने आएगी, आंकड़ों में बदलाव संभव है।

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत और बचाव कार्य युद्ध स्तर पर जारी है:

 

 21,000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात,11,913 लोगों को सुरक्षित निकाला गया,नेपाली सेना ने 715 हेलीकॉप्टर उड़ानों से 4,364 लोगों को बचाया (273 विदेशी शामिल) निजी हेलीकॉप्टरों ने 129 आपात उड़ानें भरीं,5,000 से अधिक घायलों का इलाज किया गया, वहीं, काठमांडू, नुवाकोट, धादिंग और रसुवा में बने राहत शिविरों में करीब 3,950 विस्थापित लोग शरण लिए हुए हैं।

संचार और सड़क नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित

भारी बारिश और भूस्खलन से सड़कें और पुल क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जिससे कई इलाके संपर्क से कट गए हैं। राहत सामग्री हेलीकॉप्टर और वैकल्पिक मार्गों से पहुंचाई जा रही है। दूरसंचार सेवाओं की बहाली भी जारी है—नेपाल टेलीकॉम के सभी 110 टावर चालू हो चुके हैं, जबकि एनसेल की 78 में से 75 साइटें बहाल कर दी गई हैं।

‘हिमालयी सुनामी’ जैसा मंजर

नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने इस भीषण आपदा को “हिमालयी सुनामी” करार दिया है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और पड़ोसी देशों से मिले सहयोग के लिए आभार जताया और जलवायु परिवर्तन को इस आपदा का बड़ा कारण बताया।स्थिति गंभीर बनी हुई है, राहत कार्य जारी है और लापता लोगों की तलाश लगातार चल रही है।

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