पेड़ के तने में दिखा ‘हनुमान अंश’, ऑटो चालक को मिली सरकारी नौकरी; दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़
पेड़ के तने में दिखा ‘हनुमान अंश’, ऑटो चालक को मिली सरकारी नौकरी; दर्शन के लिए उमड़ रही भारी भीड़
जम्मू। शहर के महेशपुरा इलाके में इन दिनों एक साधारण सा पेड़ अचानक आस्था का केंद्र बन गया है। पेड़ के तने में उभरी आकृति को लोग हनुमान जी का स्वरूप मान रहे हैं। इस अनोखी घटना की चर्चा तेजी से फैलते ही इलाके में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है और माहौल पूरी तरह भक्तिमय हो गया है।
ऑटो चालक ने सबसे पहले देखा ‘दिव्य स्वरूप’
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस घटना की शुरुआत एक ऑटो चालक से हुई, जो लंबे समय से उस पेड़ की सेवा करता आ रहा था। करीब डेढ़ महीने पहले जब वह पेड़ को पानी दे रहा था, तभी उसकी नजर तने की छाल में बनी एक आकृति पर पड़ी। ध्यान से देखने पर उसे उस आकृति में हनुमान जी का चेहरा, आंखें और गदा जैसी आकृति नजर आई। उसने यह बात आसपास के लोगों को बताई, जिसके बाद यह खबर फैल गई।
दर्शन के लिए लग रही लंबी कतारें
जैसे ही ‘हनुमान अंश’ की खबर इलाके में फैली, वहां श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। सुबह से देर रात तक लोग पेड़ के पास पहुंचकर पूजा-अर्चना, हनुमान चालीसा पाठ और भजन-कीर्तन कर रहे हैं। कई लोग इसे चमत्कार मानकर माथा टेक रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र एक धार्मिक स्थल जैसा नजर आने लगा है।
सरकारी नौकरी मिलने का दावा बना चर्चा का विषय
इस घटना में सबसे दिलचस्प बात यह सामने आई है कि जिस ऑटो चालक ने सबसे पहले इस आकृति को देखा, उसे हाल ही में सरकारी नौकरी मिल गई। स्थानीय लोग इसे उसकी भक्ति और सेवा का फल मान रहे हैं। हालांकि, इस दावे की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, फिर भी यह बात लोगों के बीच तेजी से चर्चा में है।
आस्था बनाम विज्ञान की बहस
जहां एक ओर श्रद्धालु इसे दैवीय चमत्कार मान रहे हैं, वहीं विशेषज्ञ इसे ‘पेरिडोलिया’ (Pareidolia) यानी ऐसी मनोवैज्ञानिक प्रवृत्ति बताते हैं, जिसमें इंसान प्राकृतिक आकृतियों में परिचित चेहरे या रूप देखने लगता है। पेड़ की छाल में बनी गांठें और निशान संयोगवश किसी आकृति जैसे दिखाई दे सकते हैं।
बना नया आस्था केंद्र
फिलहाल, महेशपुरा का यह पेड़ लोगों के लिए एक नया आध्यात्मिक स्थल बन चुका है। दूर-दूर से लोग यहां पहुंचकर दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन की ओर से अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है, लेकिन भीड़ को देखते हुए व्यवस्था बनाए रखने की जरूरत महसूस की जा रही है।
What's Your Reaction?