सीधी में बनेगा फ्लाईओवर, जाम से मिलेगी राहत,करोड़ों रुपए की लागत से 3.1 किलोमीटर लंबा फ्लाई ओवर बनने की तैयारी पूर्ण!
सीधी शहर में 117 करोड़ का 3.1 किमी लंबा फ्लाईओवर दो हिस्सों में बनेगा। पुराने टैक्सी स्टैंड से जिला पंचायत और कॉलेज से फीलिंग स्टेशन तक निर्माण होगा।
सीधी में बनेगा फ्लाईओवर, जाम से मिलेगी राहत,करोड़ों रुपए की लागत से 3.1 किलोमीटर लंबा फ्लाई ओवर बनने की तैयारी पूर्ण!
सीधी। अब सीधी जिले में अन्य महानगरों की तरह सीधी में फ्लाईओवर बनाया जाएगा ताकि जिले वासियों को जाम से निजात मिलेगी, यह फ्लाई ओवर दो पार्ट में बनेगा ,बहुत ही जल्द टेंडर प्रक्रिया पूरी होने वाली है , दैनिक अखबार पत्रिका में छपी खबर के मुताबिक शहर के बढ़ते यातायात दबाव और रोजाना लगने वाले जाम से राहत दिलाने के लिए बहुप्रतीक्षित फ्लाईओवर परियोजना अब धरातल पर उतरने की ओर बढ़ गई है। करीब 117 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाले इस फ्लाईओवर को प्रशासन ने प्रशासकीय स्वीकृति दे दी है। खास बात यह है कि पहले एक ही हिस्से में प्रस्तावित यह परियोजना अब दो अलग-अलग पार्ट में तैयार की जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 3113 मीटर (करीब 3.1 किलोमीटर) होगी। सेतु निर्माण विभाग द्वारा अब टेंडर प्रक्रिया की तैयारी शुरू कर दी गई है। टेंडर जारी होने के बाद निर्माण एजेंसी का चयन होगा और इसके बाद कार्य शुरू होने की संभावना है।
दो हिस्सों में होगा निर्माण
फ्लाईओवर परियोजना को शहर के दो प्रमुख हिस्सों में बांटा गया है—
पहला भाग: सिंचाई विभाग कार्यालय के पास स्थित पुराने टैक्सी स्टैंड से जिला पंचायत कार्यालय तक 1565 मीटर लंबा फ्लाईओवर बनाया जाएगा।
दूसरा भाग: संजय गांधी कॉलेज ग्राउंड से कमल फीलिंग स्टेशन तक 1548 मीटर लंबा फ्लाईओवर प्रस्तावित है।दोनों हिस्सों को मिलाकर शहर को एक लंबा फ्लाईओवर कॉरिडोर मिलेगा, जिससे मुख्य मार्गों पर ट्रैफिक से राहत मिलने की उम्मीद है।
जाम से मिलेगी राहत
सीधी शहर में लगातार बढ़ रहे वाहनों के कारण प्रमुख मार्गों पर जाम की समस्या आम हो गई है। मधुरी क्षेत्र में रेलवे स्टेशन संचालन शुरू होने के बाद यातायात दबाव और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। ऐसे में यह फ्लाईओवर परियोजना शहर के ट्रैफिक सिस्टम में बड़ा बदलाव ला सकती है। निर्माण के बाद वाहनों की आवाजाही अलग स्तर पर होने से जाम में कमी आने की उम्मीद है।
ईपीसी मोड में होगा निर्माण
फ्लाईओवर का निर्माण ईपीसी (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) मोड में किया जाएगा। इसमें ठेका लेने वाली कंपनी ही डिजाइन से लेकर निर्माण तक की पूरी जिम्मेदारी संभालेगी। विभाग द्वारा कार्य की निगरानी की जाएगी और भुगतान रनिंग मीटर के आधार पर किया जाएगा।
प्रशासकीय स्वीकृति मिलने के बाद अब शहरवासियों की नजर टेंडर जारी होने और निर्माण शुरू होने पर टिकी है। लंबे समय से इस फ्लाईओवर का इंतजार कर रहे लोगों को उम्मीद है कि जल्द ही काम शुरू होगा और शहर को जाम से राहत मिलेगी।
सीधी शहर में बनने जा रहे फ्लाई ओवर की कुल लंबाई: 3113 मीटर जिसकी कुल लागत: 117 करोड़ रुपए की लागत से बनेगी,
पहला भाग: 1565 मीटर (पुराना टैक्सी स्टैंड से जिला पंचायत),दूसरा भाग: 1548 मीटर (संजय गांधी कॉलेज से कमल फीलिंग स्टेशन) इस फ्लाई ओवर से जिले वासियों में खुशी है कि बड़े बड़े शहरों जैसे सीधी में फ्लाईओवर बनने जा रही है ,अब जाम से काफी निजात मिलेगी।
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