नेपाल में जलप्रलय का कहर: फ्लैश फ्लड से 469 मौतें, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,भारत कर रहा मदद
नेपाल में जलप्रलय का कहर: फ्लैश फ्लड से 469 मौतें, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी,भारत कर रहा मदद
मध्य नेपाल में आई विनाशकारी बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है.अचानक आई इस फ्लैश फ्लड में मरने वालों की संख्या बढ़कर 469 हो गई है. आपदा के तीसरे दिन भी राहत और बचाव कार्य जारी है, जिसमें हजारों सुरक्षाकर्मी जुटे हुए हैं.Nepal पुलिस के मुताबिक आठ जिलों से शव बरामद किए गए हैं. इनमें सबसे ज्यादा चितवन (178), नवलपरासी पूर्व (110), गोरखा (44), नुवाकोट (37) और धादिंग (33) जिले शामिल हैं. इसके अलावा तनाहू, नवलपरासी पश्चिम और रसुवा जिलों में भी मौतें दर्ज की गई हैं.
तीसरे दिन भी जारी रेस्क्यू ऑपरेशन
अब तक करीब 1,545 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है. इनमें से 84 घायलों का इलाज काठमांडू के अस्पतालों में चल रहा है. राहत कार्य में कुल 7,451 सुरक्षाकर्मी लगे हैं, जिनमें नेपाल सेना के 2,391 जवान शामिल हैं. सेना हेलीकॉप्टर और अन्य संसाधनों के जरिए लगातार फंसे लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है.
ग्लेशियर टूटने से आई तबाही
बताया जा रहा है कि नेपाल-तिब्बत सीमा के पास ग्लेशियर ढहने से भारी मात्रा में बर्फ, पानी और मलबा नीचे की ओर बह निकला.इससे नदियों में अचानक उफान आया और गांव-कस्बों में पानी का सैलाब घुस गया.इस आपदा में कई मकान, सड़कें, पुल और वाहन बह गए हैं, वहीं जलविद्युत परियोजनाओं को भी भारी नुकसान पहुंचा है.
चीन ने जारी किया अलर्ट
China ने इस आपदा के बाद ‘लेवल-4’ का अलर्ट जारी किया है. तिब्बत क्षेत्र में बनी एक ‘अवरोधक झील’ (Dammed Lake) के टूटने का खतरा बताया गया है, जिससे निचले इलाकों में और भी भीषण बाढ़ आ सकती है.
भारत ने बढ़ाया मदद का हाथ
भारत ने इस मुश्किल समय में नेपाल के साथ खड़े रहने का भरोसा जताया है.S. Jaishankar की निगरानी में राहत अभियान चलाया जा रहा है. उन्होंने विदेश मंत्रालय और दूतावास अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर राहत कार्यों को तेज करने के निर्देश दिए हैं.
290 भारतीय अब भी लापता
आपदा में करीब 288 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पाया है, जिनमें त्रिशूली पावर प्रोजेक्ट के 73 कर्मचारी भी शामिल हैं.कैलाश-मानसरोवर यात्रा पर गए कई श्रद्धालु भी प्रभावित हुए हैं. हालांकि, अब तक कुछ लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया है और उन्हें काठमांडू लाया जा रहा है.
भारत से राहत सामग्री भेजी गई
भारत ने तेजी से राहत पहुंचाते हुए अब तक 47.5 टन सहायता सामग्री नेपाल भेजी है. C-130J विमान से 10 टन राहत सामग्री,दूसरी उड़ान से 37.5 टन अतिरिक्त मदद की जा रही है इसमें दवाइयां, कंबल, खाद्य सामग्री और जरूरी सामान शामिल हैं.नेपाल में आई यह आपदा हाल के वर्षों की सबसे बड़ी त्रासदियों में से एक मानी जा रही है. राहत और बचाव कार्य जारी है, लेकिन चुनौतीपूर्ण हालात के चलते अभी भी कई लोग लापता हैं.आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है, खासकर अगर अवरोधक झील टूटती है।
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