Sidhi News: खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी पर FIR, धान मिलिंग में करोड़ों की अनियमितता, मिलर पर केस दर्ज के निर्देश

सीधी जिले में खाद्यान्न वितरण और धान मिलिंग में बड़ी अनियमितताएं सामने आई हैं। उचित मूल्य दुकान के विक्रेता के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है, वहीं धान मिलिंग प्रकरण में करोड़ों रुपये के चावल जमा न करने और फर्जी एफडीआर के मामले में मिलर्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

Sep 17, 2026 - 11:17
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Sidhi News: खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी पर FIR, धान मिलिंग में करोड़ों की अनियमितता, मिलर पर केस दर्ज के निर्देश
राशन दुकान विक्रेता पर FIR, धान मिलिंग घोटाले में 27.68 करोड़ का चावल गायब, फर्जी FDR का खुलासा

Sidhi News: खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी पर मझौली में FIR, धान मिलिंग में करोड़ों की अनियमितता, मिलर पर केस दर्ज के निर्देश

सीधी। प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि कार्यालय अनुविभागीय अधिकारी राजस्व, अनुभाग सीधी के 31 जुलाई 2026 के आदेश के पालन में शासकीय उचित मूल्य दुकान करवाही के विक्रेता कामता प्रसाद मिश्रा के विरुद्ध खाद्यान्न वितरण में अनियमितता पाए जाने पर थाना मझौली में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। प्रकरण में एफआईआर क्रमांक 0641 दर्ज किया गया है।  जिला आपूर्ति अधिकारी ने जिले के सभी शासकीय उचित मूल्य दुकान विक्रेताओं को निर्देशित किया है कि वे पात्र हितग्राहियों को निर्धारित प्रक्रिया एवं मात्रा के अनुसार नियमित रूप से खाद्यान्न का वितरण सुनिश्चित करें। साथ ही पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक के अनुरूप दुकान में भौतिक रूप से भी खाद्यान्न का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध रखना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें।उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्यान्न वितरण अथवा स्टॉक में किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अनियमितता के कारण होने वाली कार्रवाई के लिए संबंधित विक्रेता स्वयं जिम्मेदार होंगे।

धान मिलिंग में अनियमितता पर मिलर्स के विरुद्ध प्राथमिकी के निर्देश,14 करोड़ रुपये की एफडीआर जांच में फर्जी पाई गई

   प्रभारी जिला आपूर्ति अधिकारी ने बताया कि बजरंग इण्डस्ट्रीज, ग्राम हटवा, तहसील सिहावल के प्रोपराइटर अमन यादव पिता धनीराम यादव द्वारा वर्ष 2025-26 में धान मिलिंग के लिए कुल 361 लॉट का अनुबंध किया गया था। एक लॉट में 433 क्विंटल धान निर्धारित था। इसके विरुद्ध जिला प्रबंधक कार्यालय द्वारा 285 लॉट के लिए डिलेवरी ऑर्डर जारी किया गया।

मिलर्स द्वारा डिलेवरी ऑर्डर के अनुपात में धान की पूरी मात्रा का उठाव किया गया, लेकिन उठाए गए धान के विरुद्ध अब तक केवल 44 लॉट चावल जमा कराया गया है। एक लॉट में 290 क्विंटल चावल निर्धारित है। इस प्रकार 241 लॉट चावल, जिसकी आर्थिक लागत 27.68 करोड़ रुपये है, 15 सितम्बर 2026 तक जमा नहीं कराया गया।

जिला प्रबंधक द्वारा प्रस्तुत जानकारी के अनुसार मिलर्स की ओर से निगम के समक्ष 14 करोड़ रुपये की एफडीआर प्रस्तुत की गई थी। इसकी जांच संबंधित बैंक, भारतीय स्टेट बैंक शाखा सीधी से कराई गई। बैंक जांच में प्रस्तुत एफडीआर कूट रचित एवं फर्जी पाई गई।

कारण बताओ सूचना जारी, प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश

प्रकरण में जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड, जिला सीधी को कारण बताओ सूचना जारी की गई है। साथ ही बजरंग इण्डस्ट्रीज के प्रोपराइटर अमन यादव के विरुद्ध संबंधित थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए गए हैं।

 जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान मिलिंग एवं शासकीय उपार्जन से संबंधित अनियमितताओं में संलिप्त पाए जाने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। शासकीय हितों की सुरक्षा और उपार्जित धान-चावल की निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्राप्ति सुनिश्चित करने के लिए प्रकरणों की लगातार निगरानी की जा रही है।

धान मिलिंग प्रकरण में प्रभारी जिला प्रबंधक को कारण बताओ सूचना पत्र

 कलेक्टर ने धान मिलिंग प्रकरण में प्रभारी जिला प्रबंधक, मध्यप्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड, सीधी एम.एल. बडेरा को कारण बताओ सूचना पत्र जारी किया है।

  प्रकरण के अनुसार बजरंग इण्डस्ट्रीज, ग्राम हटवा, तहसील सिहावल के प्रोपराइटर अमन यादव द्वारा वर्ष 2025-26 में धान मिलिंग के लिए 361 लॉट का अनुबंध किया गया था। इसके विरुद्ध 285 लॉट का डिलेवरी ऑर्डर जारी किया गया और पूरी मात्रा में धान का उठाव किया गया। मिलर्स द्वारा अब तक केवल 44 लॉट चावल जमा कराया गया, जबकि 241 लॉट चावल 15 सितम्बर 2026 तक जमा नहीं कराया गया।

 नोटिस में उल्लेख किया गया है कि मिलर द्वारा प्रस्तुत 14 करोड़ रुपये की एफडीआर का संबंधित बैंक से निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार समय पर परीक्षण नहीं कराया गया और इसके बाद धान उठाव की अनुमति प्रदान की गई। इसके अलावा पूर्व अनुबंध के तहत निर्धारित मात्रा में चावल जमा नहीं होने के बावजूद अतिरिक्त धान का अनुबंध किए जाने तथा चावल जमा नहीं होने की जानकारी समय पर उच्च अधिकारियों को नहीं दिए जाने को प्रथम दृष्टया लापरवाही माना गया है।

  कलेक्टर ने उक्त कृत्यों को कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के नियम-3 के तहत तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। निर्धारित अवधि में जवाब प्राप्त नहीं होने पर नियमानुसार एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी।

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।