पति की लात - घूंसों से पीट पीटकर हत्या करने वाली पत्नी को उम्रकैद: पेट की आंत में हो गए थे दो छेद
MP Crime News:पत्नी को पति की हत्या के मामले में उम्रकैद की सजा। मारपीट से आंत में छेद हुए और इलाज के दौरान पति की मौत हो गई।
पति की लात - घूंसों से पीट पीटकर हत्या करने वाली पत्नी को उम्रकैद: पेट की आंत में हो गए थे दो छेद
ग्वालियर। पति के साथ हुई मारपीट में उसकी दर्दनाक मौत के मामले में अदालत ने पत्नी को दोषी करार देते हुए सश्रम आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घटना में पति के पेट पर किए गए लात-घूंसों से उसकी छोटी आंत में दो जगह छेद हो गए थे, जिसके चलते इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मामले की सुनवाई चतुर्थ अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुरेश सिंह जमरा की अदालत में हुई, जहां अभियोजन पक्ष के तर्कों और साक्ष्यों के आधार पर आरोपी पत्नी प्रीति उर्फ प्रतिभा सिसौदिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत हत्या का दोषी पाया गया। अदालत ने उसे सश्रम आजीवन कारावास और 2,000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।
इलाज के दौरान हुई मौत
अभियोजन के अनुसार 10 अप्रैल 2021 को बलराम उर्फ बल्लू की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी, जिसके बाद परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रारंभिक जांच में मर्ग कायम किया गया, लेकिन बाद में पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक की पत्नी प्रीति ने उसके साथ मारपीट की थी, जिसके चलते उसकी मौत हुई।
पोस्टमार्टम में गंभीर चोटों का खुलासा
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि मृतक के शरीर पर कुल 8 चोटें थीं। सबसे गंभीर चोटें पेट पर थीं, जहां छोटी आंत में दो स्थानों पर छेद पाए गए। चिकित्सकीय राय के अनुसार इन चोटों के कारण हृदय और श्वसन तंत्र ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मौत हो गई। क्यूरी रिपोर्ट में भी स्पष्ट किया गया कि पेट की चोटें ही मृत्यु का प्रमुख कारण थीं और ये चोटें मौत के लिए पर्याप्त थीं।
बचाव पक्ष का तर्क खारिज
बचाव पक्ष ने दलील दी कि मृतक शराब के नशे में था और संभवतः गिरने से उसे चोटें आईं। हालांकि अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। न्यायालय ने कहा कि घटनास्थल की जांच में ऐसी कोई वस्तु या परिस्थिति नहीं मिली, जिससे गिरकर इस प्रकार की गंभीर चोटें लगने की संभावना हो।
घटनास्थल पर सिर्फ पति-पत्नी मौजूद
अदालत ने अपने निर्णय में यह भी माना कि घटना के समय घर में केवल पति-पत्नी मौजूद थे। गवाहों के अनुसार घटना से पहले दोनों के बीच मारपीट हुई थी। अदालत ने कहा कि अभियुक्त यह स्पष्ट करने में असफल रही कि मृतक को गंभीर चोटें कैसे आईं, जिससे उसकी मौत हुई।
न्यायालय ने इसे परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की मजबूत श्रृंखला मानते हुए आरोपी को दोषी ठहराया। अदालत ने प्रीति को हत्या का दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई। साथ ही यह भी कहा कि आरोपी का कोई पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड नहीं था, इसलिए मृत्युदंड के बजाय सश्रम आजीवन कारावास की सजा दी गई।
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