MP News: ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर ग्रामीण विकास विभाग का सख्त निर्देश,लापरवाही पर सचिव और रोजगार सहायक पर होगी कार्यवाही

MP Panchayat News: मध्यप्रदेश में पंचायतों के कामकाज को लेकर पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। पंचायत भवन में नियमित उपस्थिति, सरकारी सामग्री के सत्यापन और आकस्मिक निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं।लापरवाही पर होगी कार्यवाही।

Oct 27, 2026 - 23:16
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MP News: ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर ग्रामीण विकास विभाग का सख्त निर्देश,लापरवाही पर सचिव और रोजगार सहायक पर होगी कार्यवाही
MP News: पंचायत सचिव और रोजगार सहायक को पंचायत भवन में बैठना अनिवार्य (photo source: Chat GPT)

MP News: ग्राम पंचायतों के कामकाज को लेकर ग्रामीण विकास विभाग का सख्त निर्देश,लापरवाही पर सचिव और रोजगार सहायक पर होगी कार्यवाही 

भोपाल। मध्यप्रदेश में ग्राम पंचायतों के कामकाज को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक अपने निजी निवास या किसी अन्य कार्यालय से पंचायत का संचालन नहीं कर सकेंगे। उन्हें कार्यालयीन दिवस में निर्धारित समय पर पंचायत भवन में बैठकर काम करना होगा। यदि पंचायत भवन उपलब्ध नहीं है या उसकी स्थिति कार्यालय संचालन के अनुकूल नहीं है, तो सामुदायिक अथवा बहुउद्देशीय भवन में कार्यालय संचालित करना होगा। विभाग ने सभी कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (सीईओ) को निर्देशों का पालन सुनिश्चित कराने और व्यवस्था की निगरानी करने को कहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है।

जनविश्वास अभियान के दौरान मिलीं शिकायतें

मीडिया रिपोर्ट की माने तो मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में भ्रमण और निरीक्षण के दौरान पंचायतों के कामकाज को लेकर कई शिकायतें सामने आई थीं। शिकायतों के अनुसार, कुछ ग्राम पंचायतों में सचिव और ग्राम रोजगार सहायक पंचायत भवन में बैठने के बजाय अपने निजी आवास या दूसरे कार्यालयों से काम कर रहे थे। इसके अलावा पंचायत कार्यालय के उपयोग के लिए खरीदे गए कंप्यूटर, कुर्सी-टेबल, टीवी और अन्य जरूरी सामग्री भी निर्धारित स्थान के बजाय निजी या अनुपयुक्त जगहों पर रखी मिली। कार्यालयीन समय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति की शिकायतें भी सामने आईं। विभाग ने इस स्थिति को प्रशासनिक दृष्टि से अनुचित मानते हुए स्पष्ट किया है कि इससे पंचायतों के नियमित कामकाज पर असर पड़ता है और आम लोगों को सरकारी सेवाएं प्राप्त करने में परेशानी होती है।

 पंचायत भवन में बैठना होगा अनिवार्य

विभाग के निर्देशों के अनुसार, जिन ग्राम पंचायतों में पंचायत भवन उपलब्ध हैं, वहां निर्धारित कार्यालयीन समय में नियमित रूप से कार्यालय संचालित करना होगा। पंचायत भवन अधूरा, जर्जर या अनुपयुक्त होने की स्थिति में सामुदायिक अथवा बहुउद्देशीय भवन में कार्यालय चलाया जाएगा। निजी निवास से पंचायत कार्यालय संचालित करने की अनुमति नहीं होगी। पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायकों को कार्यालय में उपस्थित रहकर पंचायत से संबंधित कार्यों का निपटारा करना होगा, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं और शासकीय योजनाओं से जुड़े कामों के लिए भटकना न पड़े।

 पंचायत के कंप्यूटर, फर्नीचर और अन्य सामग्री का होगा सत्यापन

विभाग ने पंचायतों के लिए खरीदी गई सामग्री को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए हैं। पंचायत की संपत्तियों, फर्नीचर, आईटी उपकरणों, टीवी और अन्य सामग्री का सत्यापन कराया जाएगा। सभी सामग्रियों का भौतिक सत्यापन कर उन्हें पंचायत कार्यालय में सुरक्षित रखा जाएगा। यदि किसी पंचायत में स्टॉक रजिस्टर उपलब्ध नहीं है, तो उसे तैयार कराया जाएगा। इस प्रक्रिया का उद्देश्य पंचायत की सरकारी संपत्तियों का सही रिकॉर्ड रखना और उनके उपयोग में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

 आकस्मिक निरीक्षण, गैरहाजिरी पर कार्रवाई

पंचायतों में निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने के लिए खंड पंचायत अधिकारियों और जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों के माध्यम से आकस्मिक निरीक्षण कराया जाएगा। निरीक्षण के दौरान यह देखा जाएगा कि पंचायत कार्यालय निर्धारित समय पर खुल रहा है या नहीं और संबंधित कर्मचारी अपने कार्यस्थल पर उपस्थित हैं या नहीं।बिना उचित कारण और अनुमति के कार्यालय से अनुपस्थित पाए जाने वाले पंचायत सचिवों तथा ग्राम रोजगार सहायकों के खिलाफ नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।

 ग्रामीणों को पंचायत भवन में मिलेंगी सेवाएं

विभाग के इस कदम का उद्देश्य पंचायतों के कामकाज को नियमित करना और ग्रामीणों को स्थानीय स्तर पर बेहतर प्रशासनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। पंचायत सचिव और ग्राम रोजगार सहायक पंचायत भवन में बैठेंगे तो ग्रामीणों को प्रमाण-पत्र, योजनाओं की जानकारी, रोजगार संबंधी कार्यों और अन्य पंचायत सेवाओं के लिए संबंधित कर्मचारियों से संपर्क करने में सुविधा होगी। अब कलेक्टरों और जिला पंचायत सीईओ की जिम्मेदारी होगी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन निर्देशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित कराएं और लापरवाही मिलने पर आवश्यक कार्रवाई करें।

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