MP Police Guidelines 2026: मप्र पुलिस की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी: वर्दी में रील-वीडियो और फोटो पर रोक, सोशल मीडिया से कमाई भी बैन
मध्यप्रदेश पुलिस की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन 2026 जारी। वर्दी में रील, फोटो-वीडियो पोस्ट पर रोक, सोशल मीडिया से कमाई और AI टूल्स पर डाटा अपलोड भी प्रतिबंधित।
MP Police Guidelines 2026: मप्र पुलिस की नई सोशल मीडिया गाइडलाइन जारी: वर्दी में रील-वीडियो और फोटो पर रोक, सोशल मीडिया से कमाई भी बैन
भोपाल। मध्यप्रदेश पुलिस ने सोशल मीडिया के उपयोग को लेकर सख्त गाइडलाइन-2026 जारी की है। डीजीपी कैलाश मकवाणा ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि पुलिस अधिकारी और कर्मचारी ड्यूटी के दौरान या उसके बाद वर्दी में किसी भी प्रकार की रील, फोटो, वीडियो या ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया पर अपलोड नहीं करेंगे। साथ ही पहले से मौजूद अनुचित कंटेंट को तत्काल हटाने के निर्देश भी दिए गए हैं।
गाइडलाइन जारी करते हुए कहा गया है कि कई मामलों में पुलिसकर्मियों द्वारा सोशल मीडिया पर अमर्यादित पोस्ट, रील्स और आपत्तिजनक टिप्पणियां सामने आई हैं, जो अनुशासनहीनता और कदाचार की श्रेणी में आती हैं। ऐसे मामलों पर अब कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
गोपनीय जानकारी साझा करना अपराध
डीजीपी कैलाश मकवाणा ने साफ किया है कि कोई भी शासकीय दस्तावेज, स्क्रीनशॉट या संवेदनशील जानकारी सोशल मीडिया पर साझा नहीं की जाएगी। इसके अलावा ऐसी जानकारी को ChatGPT, Gemini जैसे AI प्लेटफॉर्म पर अपलोड करना भी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा।
संवेदनशील ड्यूटी और लोकेशन शेयरिंग पर सख्ती
निर्देशों के अनुसार, संवेदनशील ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मी अपने कार्यस्थल, लोकेशन या जियो-टैगिंग से जुड़ी जानकारी साझा नहीं करेंगे। इससे सुरक्षा में सेंध लगने की आशंका रहती है।
सोशल मीडिया से कमाई और प्रमोशन पूरी तरह बैन
बिना शासन की अनुमति के पुलिसकर्मी अपने या परिजनों के नाम से सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर पेड प्रमोशन या मॉनेटाइजेशन नहीं कर सकेंगे। किसी भी उत्पाद, कंपनी या सेवा का प्रचार-प्रसार करना भी प्रतिबंधित कर दिया गया है। यदि किसी प्रकार की आय हो रही है तो 30 दिन के भीतर विभाग को जानकारी देना अनिवार्य होगा।
आपत्तिजनक, भड़काऊ और भेदभावपूर्ण पोस्ट पर रोक
जाति, धर्म, लिंग या किसी वर्ग विशेष के खिलाफ आपत्तिजनक पोस्ट, AI जनरेटेड कंटेंट या टिप्पणियां साझा करने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है। साथ ही ऐसे पोस्ट पर प्रतिक्रिया देना भी अनुचित माना जाएगा।
VIP सुरक्षा, कार्रवाई और जांच से जुड़ी पोस्ट नहीं करें
VIP ड्यूटी, हथियार प्रशिक्षण, दबिश, जांच या कार्रवाई से जुड़े फोटो-वीडियो पोस्ट करना सख्त मना है। इससे सुरक्षा और जांच प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
पीड़ित, आरोपी और बच्चों की पहचान उजागर करने पर रोक
जांच, जनसुनवाई या अपराध से जुड़े मामलों में पीड़ित, आरोपी या गवाहों के फोटो-वीडियो पोस्ट करना निजता का उल्लंघन माना जाएगा। खासकर महिला, बालिका और बच्चों की पहचान उजागर करने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।
न्यायालय, सरकार और विभाग पर टिप्पणी से बचें
गाइडलाइन में कहा गया है कि पुलिसकर्मी सोशल मीडिया पर न्यायालय के फैसलों, शासन की नीतियों या विभागीय कार्यप्रणाली पर ऐसी टिप्पणी नहीं करेंगे जिससे विवाद या अवमानना की स्थिति बने।
ड्यूटी के दौरान सोशल मीडिया उपयोग सीमित
ड्यूटी के समय सोशल मीडिया के अनावश्यक उपयोग को प्रतिबंधित किया गया है, ताकि सरकारी कार्य प्रभावित न हो।
उल्लंघन पर होगी सख्त कार्रवाई
पुलिस मुख्यालय ने निर्देश दिया है कि इन नियमों का पालन थाना, कंपनी, प्रशिक्षण संस्थानों सहित सभी स्तरों पर सुनिश्चित किया जाए। रोल कॉल में भी इन गाइडलाइन को पढ़कर सुनाने के आदेश दिए गए हैं। उल्लंघन करने पर संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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