CM योगी का बड़ा ऐलान: बच्चों की छात्रवृत्ति ₹36 हजार से बढ़कर ₹60 हजार सालाना, सीटें भी हुई दोगुनी

UP CM Yogi Scholarship: मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना में राशि 36 हजार से बढ़ाकर 60 हजार रुपये सालाना की गई। छात्रवृत्ति की सीटें भी 1,410 से बढ़कर 2,820 हुईं। जानें पात्रता और नियम।

Oct 18, 2026 - 21:33
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CM योगी का बड़ा ऐलान: बच्चों की छात्रवृत्ति ₹36 हजार से बढ़कर ₹60 हजार सालाना, सीटें भी हुई दोगुनी
CM योगी की बड़ी घोषणा: किसानों के बच्चों को ₹60,000 छात्रवृत्ति सालाना( Photo Source: Chat GPT)

CM योगी का बड़ा ऐलान: बच्चों की छात्रवृत्ति ₹36 हजार से बढ़कर ₹60 हजार सालाना, सीटें भी हुई दोगुनी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का विस्तार किया है। योजना के तहत अब पात्र विद्यार्थियों को सालाना 36 हजार रुपये के बजाय 60 हजार रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। इसके साथ ही छात्रवृत्ति की निर्धारित सीटों की संख्या भी दोगुनी कर दी गई है, जिससे प्रदेश के अधिक विद्यार्थियों को लाभ मिलने का अवसर मिलेगा।

 अब हर साल मिलेंगे 60 हजार रुपये

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना के तहत पहले विद्यार्थियों को प्रतिमाह 3,000 रुपये यानी सालाना 36 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाती थी। संशोधित व्यवस्था में मासिक छात्रवृत्ति बढ़ाकर 5,000 रुपये कर दी गई है। इस तरह प्रत्येक चयनित विद्यार्थी को अब प्रतिवर्ष 24 हजार रुपये अतिरिक्त मिलेंगे। सरकार की इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर किसान परिवारों के प्रतिभाशाली बच्चों को कृषि शिक्षा प्राप्त करने में मदद करना और उनके भविष्य के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।

 छात्रवृत्ति की सीटें भी दोगुनी

योजना के अंतर्गत कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों में छात्रवृत्ति की निर्धारित संख्या 45 से बढ़ाकर 90 कर दी गई है। वहीं, प्रत्येक कृषि महाविद्यालय में सीटें 15 से बढ़ाकर 30 की गई हैं।

इस संशोधन के बाद छात्रवृत्ति की कुल निर्धारित संख्या 1,410 से बढ़कर 2,820 हो गई है। इससे कृषि शिक्षा प्राप्त कर रहे अधिक पात्र विद्यार्थियों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।

 9 साल में 6,454 विद्यार्थियों को मिला लाभ

योजना के तहत वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक कुल 6,454 विद्यार्थियों को लगभग 22.90 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति प्रदान की जा चुकी है। प्रदेश के 11 कृषि विश्वविद्यालयों एवं कृषि संस्थानों और 61 कृषि महाविद्यालयों में पात्र विद्यार्थियों को इस योजना का लाभ दिया जा रहा है। सीटों की संख्या बढ़ने से आने वाले समय में अधिक विद्यार्थियों को योजना से जोड़ने का अवसर मिलेगा।

 कृषि और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में बढ़ीं छात्रवृत्ति की सीटें

संशोधित व्यवस्था में विभिन्न पाठ्यक्रमों के लिए छात्रवृत्ति की निर्धारित संख्या में वृद्धि की गई है।

* कृषि स्नातक: 25 से बढ़ाकर 50 सीटें।

* गृह विज्ञान स्नातक: 6 से बढ़ाकर 12 सीटें।

* कृषि स्नातकोत्तर: 10 से बढ़ाकर 20 सीटें।

* गृह विज्ञान स्नातकोत्तर: 4 से बढ़ाकर 8 सीटें।

* कृषि महाविद्यालयों में स्नातक: 10 से बढ़ाकर 20 सीटें।

* कृषि महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर: 5 से बढ़ाकर 10 सीटें।

योजना के दायरे में कृषि के अलावा उद्यान, वानिकी, पशुपालन और संबंधित विषयों की पढ़ाई करने वाले पात्र विद्यार्थी भी शामिल हैं।

 किन विद्यार्थियों को मिलेगी छात्रवृत्ति?

मुख्यमंत्री कृषक छात्रवृत्ति योजना का लाभ उत्तर प्रदेश के निवासी कृषकों और खेतिहर मजदूरों के पुत्र-पुत्रियों तथा उन पर पूर्ण रूप से आश्रित पात्र विद्यार्थियों को दिया जाता है। इसके लिए शैक्षणिक योग्यता के निर्धारित मानक भी तय किए गए हैं।

स्नातक पाठ्यक्रमों के लिए:

* यूपी बोर्ड से इंटरमीडिएट में न्यूनतम 70 प्रतिशत अंक।

* अन्य बोर्ड से इंटरमीडिएट में न्यूनतम 85 प्रतिशत अंक।

स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों के लिए:

 स्नातक स्तर पर कम से कम 70 प्रतिशत अंक।

विद्यार्थियों का चयन निर्धारित पात्रता और मेरिट के आधार पर किया जाता है। आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को संबंधित संस्थान और योजना के आधिकारिक निर्देशों के अनुसार पात्रता की पुष्टि करनी चाहिए।

 किसान परिवारों के बच्चों को मिलेगा उच्च शिक्षा का सहारा

मंडी परिषद के निदेशक जितेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में किसान और खेतिहर मजदूर परिवारों के मेधावी बच्चों को उच्च कृषि शिक्षा के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। छात्रवृत्ति की राशि और निर्धारित सीटों में वृद्धि से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को पढ़ाई से जुड़े खर्च पूरे करने में सहायता मिलेगी। साथ ही कृषि, उद्यान, वानिकी और पशुपालन जैसे क्षेत्रों में विशेषज्ञता हासिल करने वाले युवाओं को प्रोत्साहन मिलेगा, जिससे प्रदेश में कृषि आधारित ज्ञान, नवाचार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल सकता है।

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।