दूध पीने में लापरवाही बनी जानलेवा: 33 साल के युवक का हार्ट फेल, डॉक्टर ने बताईं 2 बड़ी गलतियां
दूध पीने में की गई लापरवाही एक 33 साल के युवक के लिए जानलेवा साबित हुई। डॉक्टरों के अनुसार युवक को ब्रुसेलॉसिस संक्रमण हुआ, जो कच्चे दूध के सेवन से शरीर में पहुंचा और गंभीर इंफेक्शन का कारण बना। लंबे समय तक बुखार, कमजोरी और बाद में सीने में दर्द के बाद युवक की हालत बिगड़ गई और जांच में हार्ट फेलियर का खुलासा हुआ। विशेषज्ञों ने बताया कि एंटासिड का अधिक सेवन और बिना उबला दूध पीना इस गंभीर स्थिति की दो बड़ी वजहें रहीं। यह मामला बताता है कि छोटी सी लापरवाही भी जीवन के लिए खतरा बन सकती है। डॉक्टरों ने सलाह दी है कि हमेशा उबला हुआ दूध ही पिएं और किसी भी दवा का सेवन बिना डॉक्टर की सलाह के न करें।
दूध पीने में लापरवाही बनी जानलेवा: 33 साल के युवक का हार्ट फेल, डॉक्टर ने बताईं 2 बड़ी गलतियां
नई दिल्ली। दूध पीना सेहत के लिए फायदेमंद माना जाता है, लेकिन अगर इसमें थोड़ी सी भी लापरवाही हो जाए तो यह गंभीर बीमारी का कारण बन सकता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें 33 साल के एक युवक का हार्ट फेल हो गया। डॉक्टरों के मुताबिक, इसकी वजह दूध पीने से जुड़ी दो बड़ी गलतियां थीं, जिन्हें आमतौर पर लोग नजरअंदाज कर देते हैं।
20 दिन तक बुखार, फिर बिगड़ी हालत
जनरल फिजीशियन डॉ. शालिनी सिंह सालुंके के अनुसार, 33 वर्षीय रमेश कुछ दिनों के लिए गांव गया था। वहां से लौटने के बाद उसे लगातार बुखार, सिरदर्द और कमजोरी की शिकायत होने लगी। शुरुआती जांच में ज्यादा कुछ सामने नहीं आया, लेकिन WBC बढ़ा हुआ था।करीब 10-15 दिन तक इलाज चलता रहा, लेकिन बुखार कम नहीं हुआ। इसके बाद उसे सीने में दर्द, धड़कन तेज होने और सांस फूलने की समस्या शुरू हो गई। हालत बिगड़ने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां जांच में हार्ट फेलियर का खुलासा हुआ।
ब्रुसेलॉसिस संक्रमण निकला वजह
डॉक्टरों ने जांच में पाया कि रमेश को ब्रुसेलॉसिस (Brucellosis) नाम का बैक्टीरियल इंफेक्शन हुआ था। यह संक्रमण आमतौर पर संक्रमित जानवरों या कच्चे दूध के सेवन से फैलता है। यही बैक्टीरिया खून के जरिए दिल तक पहुंचा और इंफेक्टिव एंडोकार्डाइटिस का कारण बना, जिससे हार्ट फेल हो गया।
ये 2 गलतियां पड़ीं भारी
डॉक्टर के मुताबिक, रमेश की दो बड़ी लापरवाहियां उसकी गंभीर हालत की वजह बनीं—
1. एंटासिड का ज्यादा सेवन
रमेश को एसिडिटी की समस्या थी और वह लंबे समय से बिना डॉक्टर की सलाह के एंटासिड दवाएं ले रहा था। इससे उसके पेट का एसिड कम हो गया, जो सामान्यतः बैक्टीरिया को मारने में मदद करता है।
2. कच्चा दूध पीना
गांव में उसने बिना उबाला हुआ भैंस का दूध पी लिया। कच्चे दूध में मौजूद ब्रुसेला बैक्टीरिया सीधे शरीर में पहुंच गया और संक्रमण फैल गया।
डॉक्टर की सलाह: इन बातों का रखें ध्यान
बिना उबाला हुआ दूध कभी न पिएं,
एंटासिड दवाओं का जरूरत से ज्यादा सेवन न करें,
लंबे समय तक बुखार या कमजोरी रहे तो तुरंत डॉक्टर से जांच कराएं,
शरीर में असामान्य लक्षण दिखें तो नजरअंदाज न करें।
Source:News24
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