MP Pension Rules 2026: मध्यप्रदेश सरकार सख्त,पेंशन फाइल रोकना पड़ेगा भारी,हर स्तर पर तय डेडलाइन, जवाबदेही होगी तय

सरकार ने पेंशन प्रकरणों के निपटारे के लिए सख्त समय-सीमा तय की है। अब 15 दिन में पेंशन केस निपटाना अनिवार्य, देरी पर कार्रवाई होगी।

Sep 1, 2026 - 11:49
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MP Pension Rules 2026: मध्यप्रदेश सरकार सख्त,पेंशन फाइल रोकना पड़ेगा भारी,हर स्तर पर तय डेडलाइन, जवाबदेही होगी तय
पेंशन में देरी पड़ेगी भारी: 15 दिन में निपटेंगे सभी केस

MP Pension Rules 2026: मध्यप्रदेश सरकार सख्त,पेंशन फाइल रोकना पड़ेगा भारी,हर स्तर पर तय डेडलाइन, जवाबदेही होगी तय

भोपाल। प्रदेश में सरकारी सेवा से सेवानिवृत्त होने वाले कर्मचारियों के पेंशन प्रकरणों के निराकरण में होने वाली देरी अब अधिकारियों-कर्मचारियों को भारी पड़ सकती है। वित्त विभाग ने राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) के तहत ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों के निराकरण के लिए प्रत्येक स्तर पर अधिकतम समय-सीमा तय कर दी है। निर्धारित समय में प्रकरण का निराकरण नहीं होने पर संबंधित स्तर की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

नई व्यवस्था के तहत किसी नवीन पेंशन प्रकरण को क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर के तीनों स्तरों से गुजरना होगा। प्रत्येक स्तर पर अधिकतम पांच-पांच कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं। इस तरह सामान्य नवीन पेंशन प्रकरण के लिए तीनों स्तरों पर कुल 15 कार्य दिवस की समय-सीमा तय है। वहीं पुनरीक्षित पेंशन और वेतन निर्धारण के मामलों में प्रक्रिया को और तेज किया गया है।

पुनरीक्षित पेंशन प्रकरण 10 दिन में होंगे पूरे

पुनरीक्षित पेंशन प्रकरणों के लिए क्रियेटर को अधिकतम चार कार्य दिवस, जबकि वेरीफायर और एप्रूवर को तीन-तीन कार्य दिवस में कार्यवाही पूरी करनी होगी। यानी ऐसे प्रकरण के लिए कुल 10 कार्य दिवस की अधिकतम समय-सीमा निर्धारित की गई है।

इसी तरह वेतन निर्धारण के प्रकरणों में क्रियेटर को पांच कार्य दिवस और वेरीफायर तथा एप्रूवर को तीन-तीन कार्य दिवस में कार्यवाही करनी होगी। इस प्रक्रिया के लिए कुल 11 कार्य दिवस निर्धारित किए गए हैं।

समीक्षा में सामने आए थे लंबे समय से लंबित मामले

वित्त विभाग द्वारा किए गए विभागीय अनुश्रवण और समीक्षा में सामने आया कि विभिन्न संभागीय और जिला कार्यालयों में SCPPC के अंतर्गत क्रियेटर, वेरीफायर और एप्रूवर स्तर पर पेंशन प्रकरणों के निराकरण में अपेक्षा से अधिक समय लग रहा है। कुछ प्रकरण लंबे समय से लंबित भी पाए गए। विभाग ने इसे शासन के निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं माना है।

इसके बाद वित्त विभाग ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित समय-सीमा में प्रकरणों का निराकरण अनिवार्य रूप से सुनिश्चित किया जाए। इससे पेंशन प्रक्रिया में अनावश्यक विलंब रोकने के साथ प्रत्येक स्तर पर जिम्मेदारी तय होगी।

सेवानिवृत्ति का इंतजार नहीं, पहले ही तैयार होगा पेंशन प्रकरण

सरकार ने उन कर्मचारियों के मामलों पर भी विशेष जोर दिया है, जिनकी सेवानिवृत्ति आगामी महीनों में होने वाली है। ऐसे अग्रिम पेंशन प्रकरणों में स्वीकृति की कार्यवाही वित्त विभाग द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुसार तय समयावधि में पूरी करनी होगी, ताकि कर्मचारी के सेवानिवृत्त होने के बाद पेंशन शुरू होने में अनावश्यक देरी न हो।

2025 में बना था केंद्रीकृत पेंशन सेल

शासकीय सेवकों के पेंशन प्रकरणों के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से वित्त विभाग ने 9 जून 2025 के आदेश के माध्यम से राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल (SCPPC) का गठन किया था। 1 अप्रैल 2026 से पूर्व की व्यवस्था समाप्त कर ऑनलाइन पेंशन प्रकरणों का निराकरण एससीपीपीसी के माध्यम से किया जा रहा है।

राज्य केन्द्रीयकृत पेंशन प्रोसेसिंग सेल को नवीन पेंशन प्रकरणों के निराकरण के साथ पुनरीक्षित पेंशन प्रकरणों की स्वीकृति तथा सेवानिवृत्ति से दो वर्ष पूर्व तक विभागीय सक्षम अधिकारियों द्वारा किए गए वेतन निर्धारण के अनुमोदन की जिम्मेदारी भी दी गई है।

सरकार का संदेश साफ—पेंशन अधिकार में देरी बर्दाश्त नहीं

नई समय-सीमा व्यवस्था का उद्देश्य पेंशन प्रक्रिया को केवल ऑनलाइन करना नहीं, बल्कि समयबद्ध और जवाबदेह बनाना है। वित्त विभाग के निर्देशों से यह स्पष्ट है कि पेंशन प्रकरण किसी कार्यालय या अधिकारी के स्तर पर अनिश्चितकाल तक लंबित नहीं रह सकेंगे। प्रत्येक चरण के लिए समय निर्धारित होने से अब यह आसानी से तय किया जा सकेगा कि प्रकरण किस स्तर पर और कितने समय से लंबित है।

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।