Sidhi,Kusmi News:गोतरा पंचायत में 90.12 लाख की अनियमितता पर सरपंच को धारा 40 का नोटिस,नहीं हुई कार्रवाई , सचिव-रोजगार सहायक पर हो चुकी कार्रवाई

सीधी के कुसमी की ग्राम पंचायत गोतरा में 90.12 लाख रुपये की कथित अनियमितता का मामला सामने आया है। सरपंच फूलवाई पनिका को धारा 40 का नोटिस, सचिव और रोजगार सहायक पर कार्रवाई हो चुकी है।

Oct 6, 2026 - 18:10
Oct 6, 2026 - 18:36
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Sidhi,Kusmi News:गोतरा पंचायत में 90.12 लाख की अनियमितता पर सरपंच को धारा 40 का नोटिस,नहीं हुई कार्रवाई , सचिव-रोजगार सहायक पर हो चुकी कार्रवाई
Sidhi,Kusmi News:गोतरा पंचायत में 90.12 लाख की अनियमितता पर सरपंच को धारा 40 का नोटिस,नहीं हुई कार्रवाई , सचिव-रोजगार सहायक पर हो चुकी कार्रवाई
Sidhi,Kusmi News:गोतरा पंचायत में 90.12 लाख की अनियमितता पर सरपंच को धारा 40 का नोटिस,नहीं हुई कार्रवाई , सचिव-रोजगार सहायक पर हो चुकी कार्रवाई
Sidhi,Kusmi News:गोतरा पंचायत में 90.12 लाख की अनियमितता पर सरपंच को धारा 40 का नोटिस,नहीं हुई कार्रवाई , सचिव-रोजगार सहायक पर हो चुकी कार्रवाई

गोतरा पंचायत में 90.12 लाख की अनियमितता पर सरपंच को धारा 40 का नोटिस,नहीं हुई कार्रवाई , सचिव-रोजगार सहायक पर हो चुकी कार्रवाई

 

सीधी/कुसमी। जनपद पंचायत कुसमी की ग्राम पंचायत गोतरा में निर्माण कार्यों और शासकीय राशि के उपयोग को लेकर उठे सवालों का मामला अब तक पूरी तरह ठंडे बस्ते में नहीं गया है। पंचायत की सरपंच फूलवाई पनिका के खिलाफ मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्राम स्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत कार्रवाई को लेकर नोटिस जारी की गई थी । मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी की ओर से जारी नोटिस में ग्राम पंचायत के सात कार्यों में करीब 90.12 लाख रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति/राशि जारी किए जाने को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है।

नोटिस में सरपंच से पूछा गया है कि अनियमित व्यय एवं अनियमित प्रशासकीय स्वीकृति के मामले में उनके विरुद्ध धारा 40 के तहत पद से पृथक करने, आगामी छह वर्षों तक त्रिस्तरीय पंचायत निर्वाचन के लिए निरर्हित करने तथा अनियमित रूप से व्यय राशि की वसूली की कार्रवाई क्यों न की जाए।

22 सितंबर को थी पेशी, कार्रवाई की स्थिति पर सवाल

जारी नोटिस के मुताबिक प्रकरण क्रमांक 06/2025 में सुनवाई के दौरान सरपंच के विरुद्ध कार्रवाई प्रचलित पाई गई थी। नोटिस में आगामी पेशी के लिए उपस्थित होकर कारण स्पष्ट करने के निर्देश दिए गए थे। संबंधित पक्ष के अनुसार पेशी की तारीख 22 सितंबर 2026 थी।

अब स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि नोटिस और पेशी की प्रक्रिया के बाद मामले में आगे क्या कार्रवाई हुई, इसकी स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं हुई है। ग्रामीणों ने मांग की है कि यदि जांच और उपलब्ध रिकॉर्ड के आधार पर अनियमितताएं प्रमाणित हैं तो सरपंच के विरुद्ध धारा 40 के तहत नियमानुसार कार्रवाई क्यों नहीं की गई।

ग्रामीणों ने सात बिंदुओं पर की थी शिकायत

ग्राम पंचायत गोतरा में कथित अनियमितताओं को लेकर ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में सात प्रमुख बिंदु उठाए गए थे। इनमें डगपौण्ड, परकुलेशन टैंक, स्टॉप डैम, पीसीसी सड़क तथा देवी मंदिर परिसर के समतलीकरण सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में गड़बड़ी के आरोप लगाए गए थे।

शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया था कि कुछ कार्यों को बिना कराए मस्टररोल और बिल-वाउचर के माध्यम से राशि आहरित की गई। वहीं कुछ निर्माण कार्यों को अलग-अलग योजनाओं या मदों से दोबारा स्वीकृत कर राशि निकालने का भी आरोप लगाया गया था।

एक ही कार्य को दो मदों से कराया गया था कार्य

शिकायत में स्टॉप डैम निर्माण से जुड़े दो कार्यों को लेकर गंभीर सवाल उठाए गए थे। आरोप था कि जल संसाधन विभाग द्वारा स्वीकृत एवं कराए गए कार्यों के बाद उन्हीं कार्यों को ग्राम पंचायत द्वारा नए कार्य के रूप में दिखाकर मनरेगा सहित अन्य मदों से राशि का भुगतान कराया गया।

इसी तरह पीसीसी सड़क निर्माण और देवी मंदिर परिसर के समतलीकरण कार्य को लेकर भी शिकायत में आरोप लगाए गए कि एक ही कार्य को अलग-अलग योजनाओं से कराकर राशि का आहरण किया गया।

मई 2026 में हुई थी स्थल जांच

मामले की जांच के लिए 19 मई 2026 को परियोजना अधिकारी मनरेगा और क्षेत्रीय उपयंत्री द्वारा ग्राम पंचायत गोतरा में स्थल भ्रमण किया गया था। जांच के दौरान सरपंच, सचिव, रोजगार सहायक और ग्रामीण मौजूद रहे।

जांच प्रतिवेदन में शिकायत के पहले और दूसरे बिंदु से संबंधित डगपौण्ड एवं परकुलेशन टैंक मौके पर निर्मित पाए जाने का उल्लेख है। ग्रामीणों ने जांच टीम को बताया कि इन निर्माण कार्यों को ग्राम पंचायत द्वारा कराया गया था।

हालांकि, शिकायत के बिंदु क्रमांक 3 से 7 से संबंधित तकनीकी स्वीकृति, प्रशासकीय स्वीकृति, फाइल नस्ती और अन्य दस्तावेज जांच टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किए जा सके। जांच प्रतिवेदन में ग्राम पंचायत में संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने का भी उल्लेख किया गया है।

ग्राम पंचायत में नहीं उपलब्ध था रिकॉर्ड 

जांच प्रतिवेदन के अनुसार पांचवें वित्त आयोग, पंद्रहवें वित्त आयोग और अन्य निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेज उपलब्ध कराना सरपंच और सचिव की जिम्मेदारी है, जबकि मनरेगा से संबंधित रिकॉर्ड प्रस्तुत करना ग्राम रोजगार सहायक की जिम्मेदारी है।जांच में रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने को कर्तव्य के प्रति लापरवाही और उदासीनता का द्योतक बताया गया। साथ ही शिकायत में एक ही कार्य को दो अलग-अलग मदों से कराए जाने के आरोप का उल्लेख करते हुए कहा गया कि रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण अनियमितता और शासकीय राशि के दुरुपयोग किया गया है।

आंगनवाड़ी भवनों की राशि पर सवाल

ग्राम पंचायत गोतरा में आंगनवाड़ी केंद्र क्रमांक 03 और 04 के निर्माण को लेकर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। आरोप है कि दोनों आंगनवाड़ी भवनों के लिए स्वीकृत राशि में से 12-12 लाख रुपये, कुल 24 लाख रुपये की राशि निकाल ली गई, लेकिन मौके पर निर्माण कार्य शुरू तक नहीं किया गया। शिकायत में ग्राम पंचायत गोतरा की सरपंच फूलवाई पनिका पर आरोप लगाया गया है कि आंगनवाड़ी भवन क्रमांक 03 एवं 04 के निर्माण के नाम पर राशि का आहरण किया गया, जबकि स्थल पर निर्माण की स्थिति यह है कि एक ईंट तक नहीं रखी गई है।

सचिव और रोजगार सहायक पर हो चुकी है कार्रवाई

जांच के बाद ग्राम पंचायत गोतरा के सचिव और रोजगार सहायक के संबंध में विभागीय स्तर पर कार्रवाई की गई। आदेश के अनुसार ग्राम रोजगार सहायक राज कुमार मिश्रा को ग्राम पंचायत गोतरा से हटाकर आगामी आदेश तक जनपद पंचायत कुसमी कार्यालय में कार्य करने के लिए पदस्थ कर दिया गया। वहीं ग्राम पंचायत सचिव रवीन्द्र कुमार यादव को भी आगामी आदेश तक जनपद पंचायत कुसमी कार्यालय में पदस्थ किया गया।

इसके विपरीत, सरपंच के संबंध में धारा 40 के तहत नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। अब स्थानीय लोगों का सवाल है कि नोटिस की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मामले में आगे क्या निर्णय लिया गया। फिलहाल स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि धारा 40 के तहत चल रही कार्रवाई को जल्द पूरा किया जाए, ग्रामीणों का कहना है कि केवल नोटिस जारी होने से मामला समाप्त नहीं होना चाहिए, बल्कि जांच के निष्कर्ष के आधार पर स्पष्ट निर्णय सामने आना चाहिए।

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।