पैरों में जूते नहीं साड़ी में दौड़ी विधवा महिला, 1600 मीटर की दौड़ 6 मिनट में पूरी की कविता ,बना चर्चा का विषय

Oct 6, 2026 - 20:58
Oct 6, 2026 - 20:58
 0  37
पैरों में जूते नहीं साड़ी में दौड़ी विधवा  महिला, 1600 मीटर की दौड़ 6 मिनट में पूरी की कविता ,बना चर्चा का विषय
रामगढ़ की कविता कुमारी साड़ी पहनकर नंगे पांव दौड़ते हुए

पैरों में जूते नहीं साड़ी में दौड़ी विधवा महिला, 1600 मीटर की दौड़ 6 मिनट में पूरी की कविता ,बना चर्चा का विषय 

रामगढ़। झारखंड के रामगढ़ जिले से एक ऐसी महिला की कहानी सामने आई है, जिसने गरीबी और विपरीत परिस्थितियों को अपने सपनों के रास्ते में नहीं आने दिया। होमगार्ड भर्ती की तैयारी कर रहीं 27 वर्षीय कविता कुमारी महतो ने साड़ी पहनकर और नंगे पांव 1600 मीटर की दौड़ महज 6 मिनट में पूरी कर सभी को हैरान कर दिया। उनका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

जूते और ट्रैक सूट खरीदने के पैसे नहीं थे

रामगढ़ के सोसो गांव की रहने वाली कविता कुमारी के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। दौड़ की तैयारी के बावजूद उनके पास न तो ट्रैक सूट था और न ही जूते खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे। इसके बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और तपती धूप में नंगे पांव ही मैदान में उतर गईं।

होमगार्ड और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के बीच आयोजित ट्रायल में कविता ने पारंपरिक साड़ी पहनकर दौड़ लगाई। निर्धारित समय 10 मिनट था, लेकिन उन्होंने 1600 मीटर की दूरी केवल 6 मिनट में पूरी कर ली।

तीन साल पहले पति की मौत, दो बच्चों की जिम्मेदारी

कविता की जिंदगी की मुश्किलें यहीं खत्म नहीं होतीं। करीब तीन साल पहले लंबी बीमारी के बाद उनके पति दीपक महतो का निधन हो गया। पति की मौत के बाद दो छोटे बच्चों और परिवार की जिम्मेदारी कविता के कंधों पर आ गई।

परिवार का खर्च चलाने के लिए उन्होंने कुछ समय तक सिक्योरिटी गार्ड के तौर पर भी काम किया। आर्थिक परेशानियों के बावजूद उन्होंने सरकारी नौकरी हासिल करने का सपना नहीं छोड़ा।

सुबह 4 बजे उठकर करती हैं तैयारी

कविता अपने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए रोजाना कड़ी मेहनत कर रही हैं। बताया जाता है कि वह सुबह करीब 4 बजे घर से निकलकर लगभग दो घंटे तक दौड़ और शारीरिक अभ्यास करती हैं। उनका लक्ष्य पुलिस या होमगार्ड की नौकरी हासिल कर अपने बच्चों को बेहतर भविष्य देना है।

इसी मेहनत के दौरान एक निजी ट्रेनिंग सेंटर की ओर से आयोजित ट्रायल में उन्होंने साड़ी और नंगे पांव दौड़कर शानदार प्रदर्शन किया। उनका वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर लोग उनके जज्बे और मेहनत की सराहना कर रहे हैं।

वायरल वीडियो के बाद सम्मानित करने पहुंची अकादमी

कविता के संघर्ष और प्रदर्शन का वीडियो वायरल होने के बाद अंकित रनर अकादमी की टीम उनके घर पहुंची और उन्हें सम्मानित किया। टीम ने उनके हौसले और मेहनत की सराहना करते हुए उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया।

होमगार्ड भर्ती में महिलाओं के लिए आरक्षण

रामगढ़ जिले में होमगार्ड के 284 पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। इसके लिए शारीरिक परीक्षण 24 अक्टूबर से 5 नवंबर तक आयोजित किया जा रहा है। भर्ती में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत सीटें आरक्षित होने की बात सामने आई है। वहीं विधवा और तलाकशुदा महिलाओं के लिए 5 प्रतिशत अतिरिक्त आरक्षण का प्रावधान भी बताया गया है।

कविता की कहानी सिर्फ एक वायरल वीडियो की कहानी नहीं है, बल्कि यह संघर्ष, जिम्मेदारी और दृढ़ संकल्प की मिसाल है। संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने जिस तरह अपने लक्ष्य के लिए मेहनत जारी रखी, वह उन तमाम युवाओं के लिए प्रेरणा है जो मुश्किल परिस्थितियों के कारण अपने सपनों से पीछे हट जाते हैं।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow