कुरकुरे समेत कई बड़े ब्रांड्स के चिप्स पर फर्जी लेबलिंग का खुलासा, जांच में सामने आया बड़ा खेल
मुंबई में FDA की छापेमारी में नकली लेबलिंग रैकेट का खुलासा हुआ। Kurkure समेत बड़े ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स पर एक्सपायरी डेट बदलने का आरोप, जांच जारी।
कुरकुरे समेत कई बड़े ब्रांड्स के चिप्स पर फर्जी लेबलिंग का खुलासा, जांच में सामने आया बड़ा खेल
मुंबई/नई दिल्ली। पैकेज्ड फूड इंडस्ट्री से जुड़ा एक बड़ा मामला सामने आया है, जिसमें मशहूर ब्रांड्स के चिप्स और अन्य खाद्य उत्पादों पर नकली न्यूट्रिशन जानकारी और एक्सपायरी डेट बदलने का खुलासा हुआ है। इस पूरे मामले की जांच Canadian Food Inspection Agency (CFIA) भी कर रही है, क्योंकि ये उत्पाद विदेश भेजे जाने की आशंका है।
मुंबई में FDA का छापा, बड़ा खुलासा
मामले का खुलासा तब हुआ जब महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) ने मुंबई के तुर्भे इलाके में एक गोदाम पर छापा मारा। करीब 67 लाख रुपये (80,000 डॉलर) के खाद्य उत्पाद बरामद,केमिकल और प्रिंटिंग मशीनें जब्त,मशीनों से एक्सपायरी डेट और लेबल बदले जा रहे थे
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इस फर्जीवाड़े में PepsiCo, Nestlé, Coca-Cola और Unilever जैसे बड़े ब्रांड्स के प्रोडक्ट्स शामिल पाए गए। हालांकि इन कंपनियों पर किसी तरह की गड़बड़ी का आरोप नहीं है।
कुरकुरे के पैकेट से बढ़ा शक
छापे के दौरान कुरकुरे (Kurkure) का एक पैकेट जांच का केंद्र बन गया। उस पर अंग्रेजी और फ्रेंच दोनों भाषाओं में लेबल लगा था, जो कनाडा के नियमों के अनुसार जरूरी होता है। इससे अधिकारियों को शक हुआ कि उत्पादों को विदेशी बाजार के लिए गलत तरीके से तैयार किया जा रहा था।
एक्सपायर प्रोडक्ट्स पर दोबारा लेबलिंग
जांच में सामने आया कि कुछ उत्पाद या तो एक्सपायर हो चुके थे या उनकी एक्सपायरी नजदीक थी। इन पर नई एक्सपायरी डेट लगाई जा रही थी, गोदाम संचालक करीब 19 छोटे एक्सपोर्टर्स के लिए काम कर रहे थे,हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ये उत्पाद किन देशों में भेजे जाने वाले थे।
कंपनियों ने झाड़ा पल्ला
PepsiCo ने साफ किया है कि उसका इन एक्सपोर्टर्स से कोई संबंध नहीं है और वह अनधिकृत निर्यात का समर्थन नहीं करती।
कनाडा की एजेंसी सतर्क
Canadian Food Inspection Agency (CFIA) ने कहा है कि वह स्थिति पर नजर बनाए हुए है। यदि कनाडा में ऐसे उत्पाद पाए जाते हैं, तो उत्पाद वापस मंगाए जा सकते हैं,लाइसेंस सस्पेंड हो सकता है,भारी जुर्माना लगाया जा सकता है.यह मामला खाद्य सुरक्षा और सही लेबलिंग की अहमियत को उजागर करता है। फिलहाल जांच जारी है और आने वाले दिनों में और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
Source: हिंदुस्तान
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