प्याज के दाम में गिरावट, जानिए मंडी में अब कितनी हुई कीमत

Oct 11, 2026 - 11:22
Oct 11, 2026 - 11:22
 0  134
प्याज के दाम में गिरावट, जानिए मंडी में अब कितनी हुई कीमत
प्याज की कीमत में गिरावट (फाइल फोटो(

प्याज के दाम में गिरावट, जानिए मंडी में अब कितनी हुई कीमत

दिल्ली। प्याज की बढ़ती कीमतों से परेशान उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। देश की प्रमुख मंडियों में प्याज के थोक भाव में गिरावट का सिलसिला शुरू हो गया है। कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और मध्य प्रदेश से खरीफ प्याज की आवक बढ़ने के कारण पिछले दस दिनों में थोक कीमतों में करीब 20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई है। वहीं, महाराष्ट्र के नासिक और राजस्थान के अलवर से नई फसल की आवक शुरू होने की उम्मीद ने आने वाले दिनों में कीमतें और घटने के संकेत दिए हैं।

हालांकि, मंडियों में कीमतें घटने के बावजूद खुदरा बाजार में उपभोक्ताओं को अभी पूरी राहत नहीं मिली है। कई जगह प्याज 70 रुपये प्रति किलो से अधिक कीमत पर बिक रहा है। ऐसे में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि थोक बाजार में आई गिरावट का फायदा आम लोगों तक कब पहुंचेगा।

 लासलगांव मंडी में घटे प्याज के भाव

महाराष्ट्र की लासलगांव मंडी प्याज के कारोबार की प्रमुख मंडियों में शामिल है। यहां एक अक्टूबर को प्याज का भाव 4,450 रुपये प्रति क्विंटल था, जो 10 अक्टूबर तक घटकर 3,700 रुपये प्रति क्विंटल से नीचे आ गया। यह गिरावट बाजार में बढ़ती आपूर्ति और नई फसल की उपलब्धता का संकेत दे रही है। व्यापारियों के लिए नई फसल की बढ़ती आवक महत्वपूर्ण है, क्योंकि इससे महाराष्ट्र के पुराने और भंडारित प्याज पर निर्भरता कम हो रही है। निर्यातक भी नई फसल को प्राथमिकता दे रहे हैं, जिससे पुराने प्याज की मांग पर दबाव बढ़ा है।

 कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से बढ़ी आवक

प्याज की कीमतों में गिरावट की प्रमुख वजह दक्षिण भारत के राज्यों से खरीफ फसल की बढ़ती आपूर्ति है। कर्नाटक और आंध्र प्रदेश से प्याज की आवक बढ़ने के साथ मध्य प्रदेश से भी बाजार को आपूर्ति मिल रही है। इससे उत्तर भारत के खरीदारों को महाराष्ट्र के पुराने प्याज पर कम निर्भर रहना पड़ रहा है। बाजार में उपलब्धता बढ़ने से थोक कीमतों पर दबाव बना हुआ है। यदि आने वाले दिनों में नई फसल की आवक इसी तरह बढ़ती रही, तो कीमतों में और नरमी देखने को मिल सकती है।

 नासिक और अलवर से आएगा नया प्याज

महाराष्ट्र के नासिक और राजस्थान के अलवर से नई फसल की आवक अगले कुछ सप्ताह में बढ़ने की उम्मीद है। राजस्थान में इस महीने के अंत तक नई फसल आने की संभावना है, जबकि महाराष्ट्र में नवंबर से प्याज की कटाई शुरू होने की उम्मीद जताई गई है।

नई फसल की आवक बढ़ने से बाजार में प्याज की उपलब्धता बेहतर हो सकती है। इससे थोक कीमतों में और गिरावट की संभावना बनेगी। हालांकि, कीमतों में वास्तविक बदलाव फसल की मात्रा, मंडियों तक पहुंचने की गति, मौसम और मांग पर निर्भर करेगा।

 खुदरा बाजार में कब मिलेगी राहत?

थोक बाजार में भाव गिरने के बावजूद खुदरा कीमतों में उसी अनुपात में कमी नहीं आई है। उपभोक्ता मामले मंत्रालय के अनुसार, देश के 126 शहरों में पिछले दो सप्ताह के दौरान प्याज की खुदरा कीमतों में एक से 21 रुपये प्रति किलो तक की गिरावट दर्ज की गई है।

इससे पता चलता है कि कई बाजारों में उपभोक्ताओं को राहत मिलने लगी है, लेकिन अलग-अलग शहरों में कीमतों में कमी की मात्रा अलग है। थोक और खुदरा कीमतों के बीच अंतर के कारण ग्राहकों को मंडियों में आई गिरावट का पूरा लाभ तुरंत नहीं मिल पा रहा है।

 सरकार ने बढ़ाई प्याज की आपूर्ति

प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिए सरकार अपने बफर स्टॉक से भी विभिन्न बड़े शहरों में आपूर्ति बढ़ा रही है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आठ कांदा एक्सप्रेस और 467 ट्रकों के माध्यम से दो लाख क्विंटल से अधिक प्याज बाजार तक पहुंचाया गया है। अधिक खपत वाले क्षेत्रों में आपूर्ति बढ़ाने के लिए अतिरिक्त रेल रैक चलाने की योजना भी है। सरकारी भंडार से प्याज की आपूर्ति बढ़ने से बाजार में उपलब्धता सुधारने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कीमतों में स्थायी राहत के लिए नई फसल की नियमित आवक और आपूर्ति व्यवस्था का बेहतर होना जरूरी है।

किसानों और उपभोक्ताओं के लिए क्या हैं संकेत?

प्याज की कीमतों में मौजूदा गिरावट का मुख्य आधार नई फसल की बढ़ती आवक है। यदि आपूर्ति में लगातार सुधार होता है, तो उपभोक्ताओं को आने वाले सप्ताहों में राहत मिल सकती है। लेकिन भंडारित प्याज की अधिक मात्रा में बिक्री होने पर किसानों को मिलने वाले भाव पर भी दबाव पड़ सकता है। इसलिए बाजार के सामने दोहरी चुनौती है। एक ओर उपभोक्ताओं को उचित कीमत पर प्याज उपलब्ध कराना जरूरी है, वहीं दूसरी ओर किसानों को उनकी उपज का उचित मूल्य मिलना भी महत्वपूर्ण है। आने वाले दिनों में नासिक, अलवर और अन्य उत्पादक क्षेत्रों से प्याज की आवक तथा खुदरा बाजार में कीमतों में होने वाला बदलाव ही तय करेगा कि आम लोगों को कितनी राहत मिलती है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow