सीधी में कथित धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं से मारपीट, धरने पर बैठे VHP पदाधिकारी,VIDEO वायरल
एमपीईबी कॉलोनी के पीछे निजी घर में प्रार्थना सभा के दौरान विवाद का आरोप, वायरल वीडियो के बाद मामला गरमाया; कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
सीधी में कथित धर्मांतरण की सूचना पर पहुंचे बजरंग दल कार्यकर्ताओं से मारपीट, धरने पर बैठे VHP पदाधिकारी,VIDEO वायरल
एमपीईबी कॉलोनी के पीछे निजी घर में प्रार्थना सभा के दौरान विवाद का आरोप, वायरल वीडियो के बाद मामला गरमाया; कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े प्रदर्शनकारी
सीधी। जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र अंतर्गत एमपीईबी कॉलोनी के पीछे एक निजी घर में आयोजित प्रार्थना सभा के दौरान विवाद और मारपीट का मामला सामने आया है। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि प्रार्थना सभा की आड़ में कथित धर्मांतरण कराया जा रहा था। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंचे कार्यकर्ताओं के साथ मारपीट की गई। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला तूल पकड़ने लगा है।
बताया जा रहा है कि संबंधित निजी घर में आयोजित प्रार्थना सभा में करीब दो सौ लोगों की मौजूदगी थी। इसी दौरान विवाद की स्थिति निर्मित हुई। मारपीट में घायल बताए जा रहे कार्यकर्ताओं को उपचार के लिए जिला अस्पताल लाया गया। घटना के विरोध में विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष गणेश सिंह परिहार सहित करीब एक दर्जन कार्यकर्ता जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठ गए।
शासकीय कर्मचारी पर कार्रवाई की मांग
धरने पर बैठे विश्व हिंदू परिषद के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की मांग है कि मारपीट के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि मामले में यदि कोई शासकीय कर्मचारी शामिल है, तो उसे निलंबित कर उसके विरुद्ध भी कार्रवाई की जानी चाहिए। प्रदर्शन के दौरान मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) मौके पर पहुंचे। इसके बाद नायब तहसीलदार ने भी प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए कहा कि जब तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक उनका धरना जारी रहेगा।
कार्रवाई होने तक धरना जारी रखने की चेतावनी
विश्व हिंदू परिषद के जिला अध्यक्ष गणेश सिंह परिहार ने कहा कि उनकी मांग है कि मारपीट करने वालों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए। यदि इस घटना में कोई शासकीय कर्मचारी शामिल पाया जाता है, तो उसे निलंबित कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि मांगें पूरी होने तक कार्यकर्ता जिला अस्पताल परिसर में धरने पर बैठे रहेंगे।
फिलहाल मामले में कथित धर्मांतरण के आरोपों, मारपीट की घटना और शासकीय कर्मचारी की कथित संलिप्तता की स्वतंत्र पुष्टि तथा प्रशासन और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना शेष है।
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