विधायक कुंवर सिंह टेकाम का चौथा कार्यकाल: विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त, धौहनी विधानसभा की बदली तस्वीर,यहां जानें राजनीतिक सफर

धौहानी विधायक कुंवर सिंह टेकाम के चौथे कार्यकाल में सड़क, पानी, बिजली, स्वास्थ्य, शिक्षा और प्रशासनिक सुविधाओं में बड़े बदलाव हुए हैं। पढ़ें विकास कार्यों और राजनीतिक सफर की पूरी रिपोर्ट।

Sep 27, 2026 - 13:31
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विधायक कुंवर सिंह टेकाम का चौथा कार्यकाल: विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त, धौहनी विधानसभा की बदली तस्वीर,यहां जानें राजनीतिक सफर
Sidhi News:विधायक कुंवर सिंह टेकाम का चौथा कार्यकाल: विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त

विधायक कुंवर सिंह टेकाम का चौथा कार्यकाल: विकास कार्यों की लंबी फेहरिस्त, धौहनी विधानसभा की बदली तस्वीर,यहां जानें राजनीतिक सफर 

रवि शुक्ला,सीधी

धौहनी विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार विधायक चुने गए कुंवर सिंह टेकाम 2023 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को हराकर फिर से विधायक बने। वर्तमान में वे अपने चौथे पंचवर्षीय कार्यकाल के अंतिम पड़ाव पर हैं, उनके विकास कार्यों की लंबी सूची सामने आ रही है।

चार कार्यकालों में धौहनी क्षेत्र में प्रशासनिक सुधार से लेकर बुनियादी ढांचे तक बड़े पैमाने पर बदलाव देखने को मिला है। ग्रामीण अंचलों में सड़क, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, शिक्षा और संचार व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कई योजनाओं को स्वीकृति और क्रियान्वयन मिला है।

न्यायिक और प्रशासनिक सुविधाओं का विस्तार

धौहनी विधायक के प्रयासों से मझौली में नवीन एडीजे कोर्ट की स्वीकृति मिली, जिससे न्यायिक व्यवस्था को स्थानीय स्तर पर मजबूती मिली है। भुईमाड़ और पोंड़ी में उप-तहसील का संचालन शुरू किया गया, जिससे किसानों और ग्रामीणों को राजस्व संबंधी कार्यों में राहत मिली है। पोंड़ी में उप-तहसील भवन का निर्माण कार्य प्रगतिरत है।

सहकारिता, बैंकिंग और डाक सेवाओं में विस्तार

क्षेत्र में चौहानन टोला और दादर-पथरौला में नवीन वी-पैक्स समितियों का संचालन किया गया है। टिकरी, नौढ़िया और उमरिया, मझौली में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करते हुए यूनियन बैंक और स्टेट बैंक की नई शाखाएं स्थापित की गई हैं। निवास और कुसमी में नए पोस्ट ऑफिस की स्वीकृति से डाक सेवाएं ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंची हैं।

पशु चिकित्सा और पुलिस व्यवस्था को मजबूती

सेमरा भुईमाड़ में नवीन पशु चिकित्सालय का संचालन किया गया है। पुलिस व्यवस्था के तहत कुसमी में एसडीओपी कार्यालय, भुईमाड़ में थाना, पोंड़ी में चौकी, मड़वास में थाना और टिकरी में पुलिस सहायता केंद्र स्थापित किए गए हैं, जिससे कानून व्यवस्था मजबूत हुई है।

स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा विस्तार

मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 50 बिस्तरों में उन्नत किया गया है। कुसमी और निवास में आधुनिक भवनों के निर्माण से स्वास्थ्य सेवाएं बेहतर हुई हैं। पथरौला, गिजवार, उमरिया, जूरी, लुरघुटी सहित कई स्थानों पर नए स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण चल रहा है। इसके अलावा 20 से अधिक उप स्वास्थ्य केंद्रों का उन्नयन कर आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। कुसमी में पैथोलॉजी भवन भी स्थापित किया गया है।

सड़क और परिवहन नेटवर्क का व्यापक विकास

धौहनी क्षेत्र में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने के लिए 95.80 किलोमीटर से अधिक नई सड़कों की स्वीकृति दी गई है। सीधी-टिकरी-मड़वास-पथरौला फोरलेन, तिलवारी-हर्दी-जनकपुर राज्य मार्ग, महाखोर-कुसमी मार्ग सहित कई बड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अलावा दर्जनों ग्रामीण सड़कें निर्माणाधीन हैं, जिनसे दूरस्थ गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है।

पुल-पुलिया निर्माण से गांवों की कनेक्टिविटी मजबूत

क्षेत्र में गोपद, महान और अन्य नदियों पर 10 से अधिक पुल और रपटों का निर्माण किया गया है। इन पुलों से बरसात के मौसम में भी आवागमन सुगम हुआ है और ग्रामीण क्षेत्रों का संपर्क मुख्य मार्गों से मजबूत हुआ है।

प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना का विस्तार

पीएमजीएसवाई के तहत कुसमी और मझौली तहसील में 101 नई सड़कों की स्वीकृति दी गई है, जिनका निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इससे हजारों ग्रामीणों को लाभ मिलेगा।

बिजली और ऊर्जा क्षेत्र में सुधार

मड़वास में 132 केवीए सब-स्टेशन का निर्माण किया गया है, जिससे क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति संभव हुई है। कई गांवों में नए 33/11 केवीए सब-स्टेशन, कृषि फीडर और विद्युतीकरण कार्य किए गए हैं। प्रधानमंत्री जनमन योजना और आरडीएसएस योजना के तहत बैगा बहुल और दूरस्थ गांवों तक बिजली पहुंचाई गई है।

दूरसंचार व्यवस्था में सुधार

धौहनी क्षेत्र के 19 दूरसंचार विहीन गांवों में मोबाइल टावर स्थापित कर नेटवर्क सुविधा उपलब्ध कराई गई है। पुरइनडोल, बेलगांव, अमरोला, भुईमाड़ जैसे गांव अब मोबाइल नेटवर्क से जुड़ चुके हैं।

पेयजल योजनाओं से बदला ग्रामीण जीवन

क्षेत्र में 4769 हैंडपंपों का उत्खनन किया गया है। बनास नदी आधारित 116 करोड़ की पेयजल योजना से 26 गांवों को शुद्ध पानी मिल रहा है। जल जीवन मिशन के तहत 360 करोड़ और 800 करोड़ की बड़ी योजनाएं चल रही हैं, जिससे 280 से अधिक गांवों तक पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य है।

खेल, पंचायत और ग्रामीण विकास

मझौली, मड़वास, कुसमी सहित कई स्थानों पर खेल स्टेडियमों का निर्माण किया गया है। जनपद पंचायत भवन, ग्राम पंचायत भवन और सामुदायिक भवनों का निर्माण कर ग्रामीण विकास को गति दी गई है।अभी 4 दिन पहले मझौली जनपद के हाई टेक नवीन भवन का भूमि पूजन किया गया है, डांगा में आजीविका भवन का निर्माण ग्रामीण रोजगार और स्व-सहायता समूहों को मजबूत कर रहा है।

धौहनी में शिक्षा का विस्तार:

धौहनी विधानसभा क्षेत्र में शिक्षा के क्षेत्र में पिछले 18 वर्षों में व्यापक बदलाव देखने को मिले हैं। विधायक कुंवर सिंह टेकाम के प्रयासों से न सिर्फ स्कूलों के भवनों का विस्तार हुआ है, बल्कि शैक्षणिक संस्थानों के उन्नयन से छात्रों को स्थानीय स्तर पर बेहतर शिक्षा सुविधाएं उपलब्ध हो सकी हैं।

क्षेत्र में कई हायर सेकंडरी और हाई स्कूलों के भवनों का विस्तार किया गया है। इसके साथ ही अनेक माध्यमिक विद्यालयों को हाई स्कूल में उन्नत किया गया, वहीं कई हाई स्कूलों को हायर सेकंडरी का दर्जा दिलाया गया। इससे दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को उच्च कक्षाओं की पढ़ाई के लिए बाहर नहीं जाना पड़ रहा है।

शिक्षा के क्षेत्र में सबसे बड़ा बदलाव मड़वास में महाविद्यालय के संचालन के रूप में सामने आया है। पहले यहां के छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के शहरों का रुख करना पड़ता था, लेकिन अब मड़वास कॉलेज में तीनों संकायों (कला, वाणिज्य और विज्ञान) की पढ़ाई एक साथ उपलब्ध होने से स्थानीय स्तर पर ही उच्च शिक्षा सुलभ हो गई है। मझौली और मड़वास के अलावा भुईमाड़, निवास सहित अन्य क्षेत्रों में भी शिक्षा सुविधाओं के विस्तार के प्रयास किए गए हैं। नए भवनों के निर्माण, स्कूलों के उन्नयन और कॉलेज सुविधाओं के विस्तार ने क्षेत्र के शैक्षणिक ढांचे को मजबूत किया है। स्थानीय लोगों का मानना है कि इन प्रयासों से न केवल शिक्षा का स्तर बेहतर हुआ है, बल्कि ग्रामीण और आदिवासी अंचलों के छात्रों को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर भी मिला है।

एक नजर पर राजनीतिक सफर पर 

धौहनी विधानसभा क्षेत्र (अनुसूचित जनजाति सुरक्षित) से भाजपा के वरिष्ठ नेता कुंवर सिंह टेकाम का राजनीतिक सफर लगातार जीत, जनसमर्थन और सादगीपूर्ण छवि के लिए जाना जाता है। वर्ष 2008 से शुरू हुआ उनका विजय अभियान आज तक कायम है और वे चार बार लगातार विधायक बनकर क्षेत्र में अपनी मजबूत पकड़ साबित कर चुके हैं।

2008 में पहली जीत से शुरुआत

कुंवर सिंह टेकाम ने वर्ष 2008 के विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के टिकट पर पहली बार धौहनी सीट से चुनाव लड़ा। उस समय कांग्रेस ने तिलकराज सिंह को मैदान में उतारा था, लेकिन टेकाम ने 38,120 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज कर अपने राजनीतिक सफर की मजबूत शुरुआत की।

2013 में दोबारा जीत से बढ़ा कद

2013 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया। कांग्रेस ने भी तिलकराज सिंह को दोबारा प्रत्याशी बनाया, लेकिन टेकाम ने 19,001 वोटों से जीत हासिल कर लगातार दूसरी बार सीट अपने नाम की।

2018 में हैट्रिक पूरी

साल 2018 में भाजपा ने तीसरी बार उन्हें टिकट दिया, जबकि कांग्रेस ने इस बार कमलेश सिंह को उम्मीदवार बनाया। मुकाबला कड़ा रहा, लेकिन टेकाम ने 3,793 वोटों से जीत दर्ज कर हैट्रिक पूरी की और अपनी राजनीतिक निरंतरता बनाए रखी।

2023 में चौथी बार फहराया परचम

मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव 2023 में भाजपा ने चौथी बार टेकाम पर भरोसा जताया। कांग्रेस ने फिर कमलेश सिंह को मैदान में उतारा, लेकिन टेकाम ने 3,321 वोटों से जीत दर्ज कर चौथी बार विधायक बनने का रिकॉर्ड कायम किया।

2026 में मिली प्रदेश प्रवक्ता की जिम्मेदारी

उनकी सक्रियता, अनुभव और संगठन में मजबूत पकड़ को देखते हुए अप्रैल 2026 में भारतीय जनता पार्टी, मध्य प्रदेश ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता नियुक्त किया। यह जिम्मेदारी उनके बढ़ते राजनीतिक कद को दर्शाती है।

साफ छवि और शांत स्वभाव से पहचान

कुंवर सिंह टेकाम को क्षेत्र में एक बेदाग, शांत और संतुलित नेता के रूप में जाना जाता है। उन्होंने हमेशा संयमित भाषा का उपयोग किया और कभी विवादित बयानबाजी से दूर रहे, जिससे उनकी छवि और मजबूत हुई है।

और अंत में विकास कार्य....

क्षेत्र में सड़कों के जाल का विस्तार हुआ है, जिससे दूरस्थ गांवों की कनेक्टिविटी बेहतर हुई है। स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के तहत अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाएं बढ़ाई गई हैं, वहीं बिजली और पेयजल व्यवस्था में भी पहले की तुलना में व्यापक सुधार देखने को मिला है। शिक्षा के क्षेत्र में स्कूलों के उन्नयन और नए संसाधनों के विकास से छात्रों को बेहतर वातावरण मिला है। साथ ही प्रशासनिक सुविधाओं के विस्तार से आमजन को सरकारी सेवाओं तक पहुंच आसान हुई है। हालांकि यहां प्रमुख और बड़े विकास कार्यों का ही उल्लेख किया गया है, जबकि क्षेत्र में कई अन्य छोटे-बड़े कार्य भी लगातार किए गए हैं। राजनीतिक दृष्टि से भी यह विकास कार्य महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं। 

 राजनीतिक और संगठनात्मक सफर:

धौहानी विधानसभा क्षेत्र के चौथी बार में विधायक अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत श्रमिक और जनजातीय आंदोलनों से की और धीरे-धीरे संगठनात्मक तथा राजनीतिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण पदों पर कार्य किया।

1983 में वे भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ (भारतीय मजदूर संघ से संबद्ध) सीडब्ल्यूएस जयंत, सिंगरौली में कार्यकारी सदस्य रहे। इस दौरान उन्होंने एनसीएल और एनटीपीसी के विस्थापित जनजातीय श्रमिकों के पुनर्वास और पुनर्स्थापन के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई।

1984 से 1991 तक वे भारतीय कोयला खदान श्रमिक संघ में कार्यालय पदाधिकारी (Office Bearer) के रूप में कार्यरत रहे। इसके बाद 1992 में उन्हें संगठन का अध्यक्ष बनाया गया।

1999 में वे विद्या भारती से जुड़े सरस्वती शिक्षा परिषद एवं सरस्वती शिशु मंदिर (जयंत, धुधीचुआ और जैतपुर, जिला सिंगरौली) की प्रबंध समिति के सदस्य बने।

2000 में उन्हें भारत सरकार की दूरसंचार सलाहकार समिति, जिला सिंगरौली (म.प्र.) का सदस्य नियुक्त किया गया। इसी वर्ष वे जिला सीधी आदिवासी विकास परिषद के जिला अध्यक्ष बने तथा ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार के लिए सीधी जिले के सदस्य के रूप में भी कार्य किया। इसी वर्ष वे अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद (पंजीकृत) के आजीवन सदस्य और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय परिषद सदस्य भी बने। 

2002 में वे भारत सरकार की ग्रामीण विकास सलाहकार समिति (जिला सीधी) के सदस्य रहे।

2004 से 2007 तक उन्होंने नई दिल्ली में अनुसूचित जनजाति के लिए राष्ट्रीय आयोग (कैबिनेट मंत्री स्तर) के अध्यक्ष के रूप में कार्य किया।

2007 में उन्होंने लोकसभा उपचुनाव (सीधी संसदीय क्षेत्र) से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी के रूप में चुनाव लड़ा। इसी अवधि में वे भाजपा ST मोर्चा (मध्य प्रदेश) के उपाध्यक्ष भी रहे।

धौहनी विधानसभा के विधायक – एक नजर में (1977 से 2023 तक)

धौहनी विधानसभा क्षेत्र के राजनीतिक इतिहास पर नजर डालें तो यहां समय-समय पर अलग-अलग दलों के प्रतिनिधियों ने जीत दर्ज की, लेकिन पिछले दो दशकों में भारतीय जनता पार्टी का वर्चस्व स्पष्ट रूप से देखने को मिलता है।

2023 कुंवर सिंह टेकाम, भाजपा, कुल वोट : 82,063 

2018 कुंवर सिंह टेकाम भाजपा,कुल वोट: 57,995  

2013 कुंवर सिंह टेकाम BJP, कुल वोट: 60,130 

2008 कुंवर सिंह टेकाम BJP,कुल वोट: 60,704 

2003 छत्रपति सिंह BJP , कुल वोट: 51,005 

1998 पंजाब सिंह INC, कुल वोट 21,247

1993 छत्रपति सिंह JD, कुल वोट: 20,098

1985 जगवा देवी INC, कुल वोट: 8,249 

1980 जगवा देवी INC(I), कुल वोट: 12,245 

1977 सोमेश्वर सिंह JNP, कुल वोट: 10,001 

इस प्रकार, धौहनी विधानसभा का चुनावी इतिहास बताता है कि शुरुआती दौर में कांग्रेस और अन्य दलों का प्रभाव रहा, लेकिन 2003 के बाद से भाजपा का दबदबा लगातार मजबूत होता गया है, जिसमें कुंवर सिंह टेकाम का नाम प्रमुख रूप से उभरकर सामने आता है।

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।