सीधी में धर्मांतरण का प्रलोभन देने के आरोप में मां-बेटी गिरफ्तार, न्यायालय ने जेल भेजा

सीधी के जमोड़ी में कथित धर्मांतरण के लिए प्रलोभन देने के आरोप में मां-बेटी गिरफ्तार। न्यायालय ने भेजा जेल, जिला अस्पताल में पदस्थ नर्स के निलंबन की प्रक्रिया शुरू।

Oct 16, 2026 - 10:12
 0  62

सीधी में धर्मांतरण का प्रलोभन देने के आरोप में मां-बेटी गिरफ्तार, न्यायालय ने जेल भेजा

एक लाख रुपये, सरकारी नौकरी और मुफ्त शिक्षा-स्वास्थ्य सुविधाओं का लालच देने की शिकायत; जिला अस्पताल में पदस्थ नर्स के निलंबन की प्रक्रिया शुरू

सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में कथित धर्मांतरण के लिए प्रलोभन देने और विरोध करने पर मारपीट के मामले में जमोड़ी पुलिस ने मां-बेटी गीता दीक्षित और नीलम दीक्षित को गिरफ्तार किया है। दोनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया। मामले में जिला चिकित्सालय सीधी में नर्स के पद पर पदस्थ नीलम दीक्षित के विरुद्ध स्वास्थ्य विभाग ने निलंबन की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मामला जमोड़ी थाना क्षेत्र की एमपीईबी कॉलोनी के पीछे स्थित एक निजी मकान में 11 अक्टूबर को आयोजित प्रार्थना सभा से जुड़ा है। शिकायतकर्ता रघुनाथ प्रजापति ने आरोप लगाया कि धर्म परिवर्तन के लिए एक लाख रुपये, सरकारी नौकरी तथा मुफ्त शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं का प्रलोभन दिया गया। साथ ही, अन्य लोगों को जोड़ने पर प्रत्येक व्यक्ति के लिए एक लाख रुपये देने की बात भी कही गई।

 प्रार्थना सभा में प्रलोभन देने का आरोप

शिकायत के मुताबिक, फरियादी को ईसा मसीह के मार्ग पर चलने, हिंदू देवी-देवताओं की तस्वीरें हटाने और हाथ में धागा नहीं पहनने के लिए कहा गया। आरोप है कि उन्हें बाइबिल की कहानियों और नए नियम से संबंधित पुस्तकें दी गईं। इसके अलावा तीन हजार रुपये दिए जाने की बात भी शिकायत में सामने आई है, जिसमें से एक हजार रुपये शेष होने का उल्लेख किया गया है। हालांकि, धर्मांतरण के लिए प्रलोभन दिए जाने से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच और न्यायिक प्रक्रिया के माध्यम से होनी है।

विरोध के दौरान मारपीट, तीन कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी

कथित धर्मांतरण गतिविधियों की सूचना मिलने पर बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे थे। इस दौरान विरोध के बीच विवाद बढ़ने और मारपीट होने का आरोप है। घटना में तीन कार्यकर्ताओं के घायल होने की जानकारी सामने आई थी। घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। शिकायत मिलने के बाद जमोड़ी पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की। थाना प्रभारी केदार परौहा के अनुसार, बुधवार शाम दोनों महिलाओं को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद गुरुवार को न्यायालय में पेश करने पर उन्हें जेल भेज दिया गया।

 धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम के तहत कार्रवाई

पुलिस ने दोनों महिलाओं के विरुद्ध मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम की धारा 3 और 5 के तहत कार्रवाई की है। पुलिस मामले से जुड़े आरोपों और परिस्थितियों की जांच कर रही है। आरोप यह भी लगाए गए हैं कि दोनों महिलाएं मेघदूत पार्क के पीछे स्थित अपने घर में प्रार्थना सभाएं आयोजित करती थीं और लोगों को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करती थीं। जिला अस्पताल में आने वाले मरीजों को प्रार्थना सभा में बुलाकर प्रभावित करने के आरोप भी सामने आए हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। इस संबंध में डीएसपी मुख्यालय राघवेंद्र द्विवेदी ने बताया कि पुलिस ने दोनों महिलाओं के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की है और उन्हें न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।

 धर्मांतरण के मुद्दे पर व्यापारी संघ ने एसपी को सौंपा ज्ञापन

सीधी जिले में कथित धर्मांतरण से जुड़े मामलों को लेकर जिला व्यापारी संघ ने चिंता जताई है। संघ के अध्यक्ष लालचंद्र गुप्ता के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा।प्रतिनिधिमंडल ने जिले में सामाजिक सद्भाव और आपसी सौहार्द बनाए रखने तथा कथित धर्मांतरण की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। इस दौरान जिला उपाध्यक्ष पंकज सिंह चौहान, जिला महामंत्री भीम कामदार, सह सचिव पुष्पराज मिश्रा, कोर कमेटी सदस्य नरेंद्र केसरवानी, नगर अध्यक्ष संतोष गहरवार और दिलीप सितानी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।

 बहरी क्षेत्र का मामला भी चर्चा में

जिले के बहरी बाईपास स्थित एक मकान में कथित धर्मांतरण को लेकर हंगामा होने का मामला भी सामने आया था। इस मामले में भोपाल से आए एक ईसाई धर्म प्रचारक को पुलिस ने पूछताछ के लिए बुलाया था। संबंधित प्रकरण में आगे की कार्रवाई विवेचना के अधीन बताई गई है।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow

Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।