महखोर अग्निकांड: पेट्रोल डालकर आग लगाने से झुलसी महिला की 8 दिन बाद मौत
महखोर अग्निकांड: पेट्रोल डालकर आग लगाने से झुलसी महिला की 6 दिन बाद मौत
सीधी जिले के मड़वास थाना क्षेत्र की घटना, रीवा मेडिकल कॉलेज में चल रहा था इलाज; घरेलू विवाद में पत्नी पर पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप
सीधी। जिले के मड़वास थाना क्षेत्र अंतर्गत महखोर गांव में घरेलू विवाद के दौरान पेट्रोल डालकर आग लगाए जाने से गंभीर रूप से झुलसी महिला ने आठ दिन तक जिंदगी और मौत से संघर्ष करने के बाद दम तोड़ दिया। 26 वर्षीय रोशनी गुप्ता को करीब 90 प्रतिशत तक झुलस गई थी गंभीर हालत में जिला अस्पताल सीधी से रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था, जहां उसका उपचार चल रहा था। मामले में पुलिस ने महिला के पति रामजी गुप्ता (30) के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 109(1) के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
क्या था पूरा मामला
पुलिस के समक्ष दिए गए बयान के अनुसार रोशनी गुप्ता की शादी वर्ष 2017 में महखोर निवासी रामजी गुप्ता के साथ हुई थी। दोनों का सात वर्षीय बेटा है। मृतिका रोशनी ने इलाज के दौरान बताया था कि 7 अक्टूबर को उसकी दादी का निधन हो गया था। वह अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अपने मायके नौगवां गई थी और 8 अक्टूबर को शाम करीब पांच बजे ससुराल लौट आई थी। पीड़िता के बयान के मुताबिक, घटना वाले दिन शाम करीब सात बजे वह अपने कमरे में लेटी हुई थी, जबकि उसका बेटा पढ़ाई कर रहा था। इसी दौरान पति उसके पास पहुंचा और दोबारा मायके नहीं जाने की बात कहने लगा। इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई।
पेट्रोल डालकर लगाई थी आग
मृतिका रोशनी ने इलाज के दौरान पुलिस को बताया था कि विवाद के दौरान वह और उसका पति दुकान तक पहुंचे, जहां मायके जाने की बात पर फिर विवाद हुआ। इसी दौरान रामजी गुप्ता ने दुकान में रखे डिब्बे से पेट्रोल निकालकर उसके ऊपर डाल दिया और माचिस से आग लगा दी थी। आग की चपेट में आने से रोशनी गंभीर रूप से झुलस गई थी। उसकी चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी छोटई साहू, उनकी पत्नी और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने महिला की मदद करते हुए आग बुझाई और आरोपी पति को पकड़ लिया। इसके बाद एंबुलेंस की सहायता से रोशनी को जिला अस्पताल सीधी पहुंचाया गया था, जहां डाक्टरों ने स्थिति को गंभीर हालत में देखते हुए रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उसकी 6 दिन बाद मौत हो गई।
90 प्रतिशत तक झुलसी थी महिला
अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद रोशनी की गंभीर हालत को देखते हुए उसे रीवा मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया था। पुलिस को दिए गए बयान में उसने बताया था कि आग से उसका गला, सीना, पेट, दोनों हाथों की कलाइयां और उंगलियां सहित शरीर के कई हिस्से झुलस गए थे। कमर से लेकर पैरों तक भी जलने की चोटें आई थीं। चिकित्सकों की निगरानी में उसका उपचार चल रहा था, लेकिन 6 दिन बाद उसकी मौत हो गई।
आरोपी पति को पहले ही भेजा जा चुका है जेल
इस मामले में पुलिस ने आरोपी रामजी गुप्ता, पिता रामेश्वर गुप्ता, उम्र 30 वर्ष, निवासी महखोर, थाना मड़वास के खिलाफ बीएनएस की धारा 109(1) के तहत मामला दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को जेल भेज दिया गया था। इस घटना से परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
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