सीधी,सिंगरौली और शहडोल जिले के 363 गांवों में पहुंचेगी बिजली, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा का प्रयास सफल; यहां देखें गांवों की पूरी लिस्ट
RDSS योजना के तहत सीधी के 123, सिंगरौली के 188 और ब्यौहारी विधानसभा के 54 गांवों के 14,085 प्रभावित घरों तक पहुंचेगी बिजली; नवंबर 2025 में केंद्रीय विद्युत मंत्री से की थी मांग, अब 5 से 19 घरों वाली छूटी बस्तियों के विद्युतीकरण के लिए भी प्रयास का आश्वासन।
सीधी,सिंगरौली और शहडोल जिले के 363 गांवों में पहुंचेगी बिजली, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा का प्रयास सफल; यहां देखें गांवों की पूरी लिस्ट
सीधी। सीधी संसदीय क्षेत्र के विद्युत सुविधा से वंचित ग्रामीण इलाकों के लिए राहत भरी खबर है।सीधी सांसद डॉक्टर राजेश के प्रयास से क्षेत्र के अविद्युतीकृत गांवों और बस्तियों में बिजली पहुंचाने की दिशा में केंद्र सरकार ने RDSS (रिवैम्प्ड डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम) के तहत 363 गांवों के विद्युतीकरण के लिए राशि स्वीकृत की है। इस योजना से सीधी, सिंगरौली और ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के कुल 14,085 प्रभावित घरों को लाभ मिलने की उम्मीद है। सीधी सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने नवंबर 2025 में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर को पत्र लिखकर छूटे हुए गांवों का पुनः सर्वे कराने और उन्हें योजना में शामिल करने की मांग की थी।
स्वीकृत योजना के तहत सीधी जिले के 123 गांवों के 3,444 प्रभावित घर, सिंगरौली जिले के 188 गांवों के 8,628 प्रभावित घर और ब्यौहारी विधानसभा क्षेत्र के 54 गांवों के 2,013 प्रभावित घरों का विद्युतीकरण किया जाना है। इस प्रकार कुल 363 गांवों के 14,085 प्रभावित घरों तक बिजली पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
नवंबर 2025 में सांसद ने उठाया था मुद्दा
सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने 12 नवंबर 2025 को केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर और विद्युत सचिव, भारत सरकार को पत्र लिखकर सीधी संसदीय क्षेत्र के छूटे हुए गांवों और बस्तियों को RDSS योजना में शामिल करने का अनुरोध किया था। उन्होंने पत्र में उल्लेख किया था कि क्षेत्र के कई गांव और टोले-मजरे भौगोलिक रूप से दुर्गम हैं, जिसके कारण पूर्व सर्वेक्षण में वे शामिल नहीं हो पाए। इन स्थानों पर विद्युत आपूर्ति उपलब्ध नहीं होने या सीमित होने से ग्रामीणों की शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और आजीविका प्रभावित हो रही है। सांसद ने छूटे हुए गांवों का पुनः सर्वेक्षण कराने, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर योजना में शामिल करने तथा विद्युत कनेक्शन और वितरण नेटवर्क का विस्तार करने की मांग की थी। साथ ही, कार्यों की प्रगति और संभावित समय-सीमा की जानकारी जिला प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों के साथ साझा करने का आग्रह किया था।
11 केवी फीडर और नए सब स्टेशन की भी उठाई थी मांग
सांसद ने अपने पत्र में विद्युत अधोसंरचना से जुड़ी अन्य समस्याओं को भी प्रमुखता से उठाया था। उन्होंने बताया था कि सीधी जिले में 11 केवी के कुल 141 फीडर हैं, जबकि RDSS के पैकेज-12 में केवल 47 फीडर शामिल किए गए हैं। उन्होंने शेष फीडरों को भी योजना में शामिल करने की मांग की थी, क्योंकि उनसे जुड़े कई गांव, टोले और मजरे विद्युत सुविधा से वंचित हैं।
इसके अलावा सिंगरौली जिले के 640 ऐसे गांवों, मजरों और टोलों को योजना में शामिल करने का अनुरोध किया था, जहां पांच से अधिक घर होने के बावजूद बिजली की सुविधा नहीं थी। विद्युत आपूर्ति व्यवस्था मजबूत करने के लिए सीधी जिले के बहरी और चुरहट में एक-एक 132 केवी सब स्टेशन स्थापित करने की मांग भी की गई थी। वहीं, सिंगरौली जिले के चितरंगी में 132 केवी और झखरावल (देवसर) में 133/11 केवी सब स्टेशन की स्वीकृति देने का अनुरोध किया गया था।
5 से 19 घरों वाली बस्तियों के लिए भी प्रयास का आश्वासन
363 गांवों के विद्युतीकरण के लिए राशि स्वीकृत होने के बाद भी कम आबादी वाली कुछ बस्तियों के सामने बिजली पहुंचने का सवाल बना हुआ है। सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने अब पांच से 19 घरों वाली ऐसी बस्तियों के विद्युतीकरण के लिए भी प्रयास करने का आश्वासन दिया है, जो मौजूदा स्वीकृति के दायरे से बाहर रह गई हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में बिजली पहुंचने से घरेलू जरूरतों के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई, कृषि कार्य, छोटे व्यवसाय और स्वास्थ्य सुविधाओं को भी लाभ मिलने की उम्मीद है। हालांकि, स्वीकृत राशि के बाद संबंधित गांवों में काम कब शुरू होगा और कितने समय में पूरा होगा, इसकी विस्तृत समय-सीमा सामने आने के बाद ही विद्युतीकरण की प्रगति स्पष्ट हो सकेगी।
विद्युतीकरण के लिए सूचीबद्ध गांव
नीचे उपलब्ध कराई गई सूची के अनुसार जिलावार गांवों के नाम दिए जा रहे हैं। सूची में जिन गांवों के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं, उन्हें मूल विवरण के अनुरूप दोहराया गया है। कुछ नामों की वर्तनी मूल सूची के अनुसार रखी गई है।
1. सीधी जिला
पटना, खारा, पिपरांव, चोरगड़ी, रघुनाथपुर, रैदुअरिया कला, बाघड़ खास, बाघड़ धवड़झा टोला, चोभरा दिग्विजय सिंह, घटोखर, खैरी, कुआँ, हनुमानगढ़, मड़वा, कोल्हुआ, बेलदह, खेरा, रतवार, मौरा, खड़खड़ी खुर्द, मोहनी, धनहा, उमरिहा, कटास, करौंदिया, मवई, घुमा, चितरली खुर्द, दादर, चौफाल कोठार, सरेठी, खाम्ह, सल्हेहा, बघोर, डेगरही, उडे़सा, मोर्चा, खिरखोरी, पड़खुरी, नौगवा दर्शन सिंह, भलकी खुर्द, नौढ़िया, मोहानिया, पड़रा, बंजारी, सतनरा पवाई, विशुनी टोला, विशुनी टोला, विशुनी टोला, विशुनी टोला, महाराजपुर, कुंकुड़ीहार, भलकी कला, कुड़ी, बमुरी, डाड़ी, भाठा, भाठा, हड़बड़ो, हड़बड़ो, हड़बड़ो, तेगवा, तेगवा, सिरसी, सिरसी, हटवा कला, खोखरा खास, खोखरा टोला, सजहा, कारीमाटी, गहिरा, डुमक, रामनगर कला, परमिया, मेहदौली, पिपरा, खुटेली, बारी खोटार, नकसर खुर्द, कुसैड़ा, झुमर, परखड़ा, सिसौलिया, हटवा, डड़िया।
गोडाही, सरदा, करौदी, कुशियारी, सपही, भितरी, खोचीपुर, समरदह, समरदह, ददरी कला, तरका, बारपान, बारपान, भरूही, चंदवाही, नौढ़िया, बधैला, सरैहा, सिरौली, गिजवार, सहिजनहा, घोरबंधा, चिनगवाह, बिटखुरी, देवमठ, धरमदुआरी, धुपखड़, शंकरपुर, बहवई, रौहल, सोनगढ़ ब्लाक, मझिगवॉ, केशलार, केशलार, अमराडांडी, केउटी, करैल।
2. सिंगरौली जिला
फुटहड़वा, भुईधरवा, पोड़ी, तमई, नौडिहवा, खदर, गोडगवां, झरकटा, बरबडीह, देवरा, नौगई (केकरई), बाम्हनदेवा, पटेहरा, केकरई, मिसिगांव, चिकनी, गेरूई, बैरीटोला कला, गंगी, देवगांव, धरौलीकला, नंदनी, नटवर, गडवानी, करहिया, गटोर, मुडमानी, रेहदा, सोनहरा, कोरसर, कोरसर कोठार, पिपरी, खुदमुचा, खुदमुचा, खुदमुचा, नौगई (पराई), कुसाही, बसही, कर्थुआ, झोखो, पराई, धवई, रेढी, बैरदह, हरकटी (हरफरी), धिलारी, कारलो, सोनदर, कुडैनिया (सेरवा)।
देवरी, सकरिया, पिडरिया, नवानगर, परसोहर, दुधमनिया, बसनिया, मटिहनी, कपूरदेही, जमतिहवा, बगैया, झरकटिया, डार, सकेती, सिधर, सिरगुडी, सिधरी, चकरिया, सिल्फोरी, खिरवा, चुरकी, डोडकी, बैहाहू, सोरौंधा, चरकी, कुर्सा, कुर्सा, कुर्सा, कुर्सा, जियावन, गोडगवां, बूढाडाड, खैराबडा, गडवानी, पचौर, जुडवार, परिहसी, मझिगवॉ, गिधेर, सिल्फ, आमों, शजहर, अतरवा, खन्धौली, खन्धौली, परसोहर, चहली, चहली, चहली, चहली, चहली, टीकट, कुसेडी, करदा, ताल, कछिनार, जोवा, धनवाही। कुचवाही, कटई, पापल, हरदी, महुआगांव, बददेढी, छमरछ, कछरा, रजनिया, नयाटोला, मडरईच, कथेरी, गडईगांव, गडईगांव, गडईगांव, हरिहरपुर, बंजारी, बंजारी, परासी, भरसेडा, बेलगांव, साजापानी, अटारी, अटारी, महुली, पिपराखाडी, सर्राटोला, गोडबहरा, कुरैल। बहेरा, कुल्हुआ, देवरा, बेटहाडांड, ओरगडी, बकहुल, जमगडी, जमगडी, लमीदह, रम्पा, बिहरा, तेलदह, राजा सरई, पिपरा झापी, खटखेरी, कंजी, खुटार, खुटार, ठेकी, चरगोडा, उरती, पिपरा कुरूंद, बारहपान, बारहपान, बारहपान, बारहपान, अम्हरा, अम्हरा, काम, पियरा, बसौडा, उखरावल, खम्हरिया, खम्हरिया, खम्हरिया, बहेरी खुर्द, नडउर, रौदी, लंघाडोल, बुचरो, भुदा, बिंदुल, चोरीपांठ, रउहल, कमई, कमई, जीर, कचरा, धनहरा, धनहरा, मिथुल।
3. शहडोल जिला
जमुनी, रेउसा, छतवा, छूही, पोंडी खुर्द, मैर, नौढिया, कुटेहरा, बकेली, कुहिंया, खांडी, भमरहा फस्ट, मऊ, खाम्हडाड, खारपा, चरखरी, बोडिहा, पसगडी, सरवाही कला, देवगांव, शहरगड, पपरेडी, खमरौध, सेजहई, देउरी, बरकछ, तगवार, नरघी, नदना, गिरूई बडी, थाडीपाथर, कटीरा, कांडी खुर्द, कीट, नगनौडी, बराछ, सन्नौसी, धोंधा, पाल्हा, खुटेली, पिपरी, कालीकला, बनसुकडी, कुंडाटोला, चरहेट, रतगा, पथरवार, भरी, रीमर, दरैन, अमझोर, कोठिगढ, बटौडी, बटौडी। गांव शामिल है जहां घरों में उजाला होगा
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