महखोर पंचायत में 8.47 लाख आहरण मामला: जांच टीम मौके पर पहुंची, ग्राम पंचायत में नहीं मिला रिकॉर्ड

सीधी जिले के मझौली जनपद अंतर्गत महखोर पंचायत में 8.47 लाख रुपये बिना निर्माण कार्य के आहरण का मामला सामने आया है। जांच टीम मौके पर पहुंची लेकिन रिकॉर्ड नहीं मिला। शिकायत के बाद जांच जारी।

Sep 7, 2026 - 22:59
Sep 7, 2026 - 23:00
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महखोर पंचायत में 8.47 लाख आहरण मामला: जांच टीम मौके पर पहुंची, ग्राम पंचायत में नहीं मिला रिकॉर्ड
महखोर पंचायत में 8.47 लाख आहरण मामला: जांच टीम मौके पर पहुंची, ग्राम पंचायत में नहीं मिला रिकॉर्ड
महखोर पंचायत में 8.47 लाख आहरण मामला: जांच टीम मौके पर पहुंची, ग्राम पंचायत में नहीं मिला रिकॉर्ड
महखोर पंचायत में 8.47 लाख आहरण मामला: जांच टीम मौके पर पहुंची, ग्राम पंचायत में नहीं मिला रिकॉर्ड

महखोर पंचायत में 8.47 लाख आहरण मामला: जांच टीम मौके पर पहुंची, ग्राम पंचायत में नहीं मिला रिकॉर्ड

रवि शुक्ला,मझौली। जनपद पंचायत मझौली अंतर्गत ग्राम पंचायत महखोर में अधोसंरचना मद से स्वीकृत सामुदायिक भवन निर्माण कार्य के नाम पर बिना कार्य कराए राशि आहरण किए जाने के मामले में जांच शुरू हो गई है। जिला पंचायत के निर्देश पर गठित तीन सदस्यीय जांच दल ने मौके पर पहुंचकर जांच की और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल की।

जानकारी के अनुसार, इस मामले में पहले मझौली जनपद सीईओ द्वारा सरपंच और सचिव को कार्यालयीन पत्र क्रमांक 2575 दिनांक 25 अगस्त 2026 के माध्यम से कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था, लेकिन निर्धारित समय सीमा बीत जाने के बावजूद कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया तब शिकायतकर्ता राधाकृष्ण तिवारी ने 1 सितंबर 2026 को कलेक्टर की जनसुनवाई में भी शिकायत दर्ज कराई, जिसे क्रमांक 8811 के तहत दर्ज किया गया। इसके बाद जिला पंचायत सीईओ ने जांच टीम गठित कर मझौली के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को जांच कराने के निर्देश दिए।

मौके पर नहीं मिला निर्माण कार्य का रिकॉर्ड

गठित जांच दल में सहायक यंत्री सरिता सिंह, उपयंत्री इन्द्रलाल सिंह और सहायक लेखा अधिकारी प्रदीप माण्डले शामिल हैं। टीम ने ग्राम पंचायत महखोर पहुंचकर स्थल निरीक्षण किया। सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान वर्तमान सचिव सुधाकर सिंह से संबंधित निर्माण कार्य के दस्तावेज मांगे गए, लेकिन मौके पर कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिला। जांच टीम ने सचिव को तीन दिन के भीतर मझौली जनपद कार्यालय में समस्त रिकॉर्ड प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि तात्कालिक सचिव ऋषिकेश गुप्ता जब कुछ दिनों के लिए आए तब बिना निर्माण कार्य के राशि निकाल ली गई थी। ग्राम पंचायत संबंधित कार्य का कोई रिकॉर्ड नहीं मिलना यानी सरपंच सचिव ने मिलकर सरकारी राशि का बंदरबाट किया है,अगर अन्य निर्माण कार्यों की जांच की जाए तो और बड़े खुलासे हो सकते हैं 

क्या है पूरा मामला

शिकायत के अनुसार, ग्राम पंचायत महखोर में मुख्यमंत्री अधोसंरचना मद से स्वीकृत सामुदायिक भवन निर्माण के लिए करीब 9 लाख रुपये (पत्रक अनुसार 8.47 लाख रुपये) की राशि बिना कार्य कराए ही आहरित कर ली गई। शिकायतकर्ता ने तत्कालीन सचिव ऋषिकेश गुप्ता पर आरोप लगाया है कि उन्होंने निर्माण कार्य में राशि का उपयोग न करते हुए उसका दुरुपयोग किया। आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित सचिव पूर्व में भी इसी पंचायत में पदस्थ रह चुके हैं और उस दौरान भी वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं। ऐसे में एक बार फिर राशि आहरण का मामला सामने आने के बाद ग्रामीणों में आक्रोश है और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है।

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।