कुसमी: ग्राम पंचायत सचिव ने किया लाखों रुपये का घोटाला, जांच में हुआ खुलासा,सचिव निलंबित, क्या सरपंच पर भी होगी कार्रवाई !
कुसमी: ग्राम पंचायत सचिव ने किया लाखों रुपये का घोटाला, जांच में हुआ खुलासा,सचिव निलंबित, क्या सरपंच पर भी होगी कार्रवाई !
रवि शुक्ला,कुसमी
सीधी जिले में पंचायत स्तर पर भ्रष्टाचार और वित्तीय अनियमितताओं को लेकर आये दिन खबरें छपती रहती हैं, कहीं जांच तक सीमित रहता है तो कहीं नाम मात्र की कार्यवाही की जाती है वहीं एक ग्राम पंचायत में भ्रष्टाचार और रिश्वत लेने पर सचिव पर कार्रवाई की गई है यह कार्यवाही जिला पंचायत सीईओ रहे शैलेन्द्र सिंह सोलंकी द्वारा 19 अगस्त को कुसमी और मझौली में हुई समीक्षा बैठकों के दो दिन बाद 21 अगस्त को जनपद पंचायत कुसमी अंतर्गत ग्राम पंचायत अमगांव के सचिव पर की गई है। चेकडैम निर्माण में भारी गड़बड़ी मिलने पर पंचायत सचिव को निलंबित कर दिया गया है, जबकि सरपंच पर भी कार्रवाई की तलवार लटक रही है।
मिली जानकारी के अनुसार यह कार्यवाही जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी ने किया था, यह कार्यवाही 21 अगस्त को की गई है, बताया गया कि पिपरहिया नाला, अमगांव में प्रस्तावित चेकडैम निर्माण का स्थल निरीक्षण किया गया। जांच में मौके पर कोई निर्माण कार्य नहीं पाया गया, जबकि इस कार्य के लिए स्वीकृत 6.01 लाख रुपये में से 5,99,625 रुपये की राशि पहले ही आहरित कर ली गई थी। यह कृत्य ग्राम पंचायत अमगांव के सचिव राजेश गुप्ता और सरपंच श्यामबती सिंह द्वारा की गई गंभीर वित्तीय अनियमितता माना गया। हालांकि उसी दिन 21 अगस्त को जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी का तबादला भी हो गया।
सीएम हेल्पलाइन शिकायत में भी पुष्टि
जिला पंचायत के पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि ग्राम विड़ौरा के ग्रामीणों द्वारा सीएम हेल्पलाइन में संबल योजना के तहत पैसे लिए जाने की शिकायत दर्ज कराई गई थी। जांच में आरोप सही पाए गए, जिसके बाद संबंधित शिकायत को बंद कर दिया गया और सचिव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई का प्रस्ताव भेजा गया। जहां यह कार्यवाही की गई है।
तत्काल प्रभाव से सचिव निलंबित
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत कुसमी के प्रस्ताव पर कार्रवाई करते हुए सचिव राजेश गुप्ता को मध्यप्रदेश पंचायत सेवा नियम 2011 के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जनपद पंचायत कुसमी निर्धारित किया गया है तथा नियमानुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
रोजगार सहायक को सौंपा अतिरिक्त प्रभार
प्रशासनिक कार्य प्रभावित न हो, इसके लिए ग्राम रोजगार सहायक शिवम सिंह सोमवंशी को पंचायत के अतिरिक्त सचिवीय एवं वित्तीय प्रभार सौंपा गया है।
समीक्षा बैठक के 2 दिन बाद कार्रवाई
सूत्रों की माने तो 19 अगस्त को जिला पंचायत सीईओ शैलेन्द्र सिंह सोलंकी द्वारा कुसमी और मझौली में समीक्षा बैठक ली गई थी, जिसके बाद पंचायत कर्मचारियों में कार्रवाई को लेकर डर का माहौल था। बैठक में कई सचिवों और रोजगार सहायकों को फटकार लगाई गई थी। वहीं मझौली जनपद क्षेत्र अंतर्गत कुछ ग्राम पंचायत के सचिवों के वेतन काटने की भी जानकारी मिल रही है, गौरतलब है कि सोलंकी का तबादला हो चुका है और अब सुश्री सौम्या आनंद ने जिला पंचायत सीईओ का कार्यभार संभाल लिया है।
सरपंच पर कब होगी कार्यवाही
ग्राम पंचायत सचिव और सरपंच दोनों पर भ्रष्टाचार और अनियमितता का जांच में गंभीर खुलासा हुआ हैं जहां सचिव पर तो सस्पेंड कर दिया गया लेकिन सरपंच पर अभी तक कोई कार्यवाही नहीं की गई जो बड़ा सवाल यह कि सरपंच पर कार्यवाही कब होगी,या फिर मामले को यहीं पर रफा दफा कर दिया जाएगा.
कानूनी प्रावधान क्या कहते हैं?
मध्यप्रदेश पंचायती राज अधिनियम के तहत: धारा 89: सरपंच को पद से हटाने का प्रावधान,धारा 92: वित्तीय अनियमितता पर दोषियों से राशि की वसूली,धारा 40: कर्तव्यों में लापरवाही या भ्रष्टाचार पर पद से हटाने की कार्रवाई का प्रावधान है ,इन धाराओं के तहत दोष सिद्ध होने पर सरपंच और सचिव दोनों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सकती है।
अब नजर कार्रवाई पर
फिलहाल सचिव पर कार्रवाई हो चुकी है, लेकिन सरपंच के खिलाफ क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सबकी नजर टिकी हुई है। यह भी देखना होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है या फिर यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
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