Captain Smit Machchhar: फीट की ऊंचाई पर जिंदगी की जंग, घायल कैप्टन ने बचाई 174 यात्रियों की जान; PM मोदी ने की बात

Flydubai Flight FZ1073 में सह-पायलट के हमले के बाद घायल कैप्टन स्मित मच्छार ने सूझबूझ से विमान को बचाने में अहम भूमिका निभाई। PM मोदी ने अस्पताल में उनसे बात की।

Oct 2, 2026 - 18:58
Oct 2, 2026 - 18:59
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Captain Smit Machchhar: फीट की ऊंचाई पर जिंदगी की जंग, घायल कैप्टन ने बचाई 174 यात्रियों की जान; PM मोदी ने की बात

नई दिल्ली। फ्लाईदुबई की दुबई से तेल अवीव जा रही उड़ान FZ1073 में 30 सितंबर को उस समय बड़ा संकट पैदा हो गया, जब उड़ान के दौरान सह-पायलट ने कथित तौर पर भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने सूझबूझ और साहस दिखाते हुए कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया, जिससे यात्रियों और क्रू को अंदर पहुंचकर स्थिति संभालने का मौका मिला। विमान में 174 लोग सवार थे और बाद में विमान को सऊदी अरब के तबूक में सुरक्षित उतारा गया।

घायल हालत में भी नहीं छोड़ी हिम्मत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अक्टूबर को अस्पताल में भर्ती कैप्टन स्मित मच्छार से वीडियो कॉल के जरिए बातचीत की। इस दौरान मच्छार ने बताया कि हमले के बाद वह गंभीर रूप से घायल होकर कॉकपिट के फर्श पर गिर गए थे, लेकिन उन्हें अहसास था कि विमान नीचे जा रहा है और यदि उन्होंने कुछ नहीं किया तो यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है।

उन्होंने किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोलने की कोशिश की। दरवाजा खुलने के बाद यात्री और क्रू सदस्य अंदर पहुंच सके और हमलावर को काबू करने में मदद मिली। इसके बाद विमान पर नियंत्रण स्थापित किया गया और उसे सुरक्षित रूप से तबूक में उतारा गया।

30 सेकंड में हजारों फीट नीचे आया विमान

रिपोर्टों के मुताबिक, हमले के दौरान विमान अचानक तेज गति से नीचे आने लगा और करीब 14 हजार फीट की ऊंचाई कुछ ही सेकंड में कम हो गई। इस दौरान यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। कैप्टन के घायल होने के बाद विमान को संभालने में यात्रियों, क्रू और विमान में मौजूद अन्य पायलटों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। विमान में मौजूद यात्रियों ने कॉकपिट में पहुंचकर हमलावर को काबू किया। इसके बाद विमान में मौजूद दो ऑफ-ड्यूटी पायलटों ने कॉकपिट संभाला और विमान को सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया। सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित रहे।

पीएम मोदी से बातचीत में भावुक हुए कैप्टन

अस्पताल से प्रधानमंत्री मोदी से बातचीत के दौरान कैप्टन मच्छार भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि वह करीब 17 वर्षों से विमान उड़ा रहे हैं और लगभग 11 वर्षों से बतौर कैप्टन काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुश्किल परिस्थिति में उनके अनुभव ने उन्हें यह समझने में मदद की कि विमान को बचाने के लिए तुरंत कदम उठाना जरूरी है।कैप्टन ने प्रधानमंत्री को यह भी बताया कि संकट के समय वह हनुमान चालीसा का पाठ करते हैं और उस कठिन घड़ी में भी उन्होंने हनुमान चालीसा का स्मरण किया। प्रधानमंत्री मोदी ने उनकी बहादुरी और सूझबूझ की सराहना की तथा उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। मोदी ने उनके परिवार और उन्हें मिले संस्कारों का भी उल्लेख किया।

कौन हैं कैप्टन स्मित मच्छार?

कैप्टन स्मित मच्छार भारतीय नागरिक हैं और 2022 से फ्लाईदुबई के साथ जुड़े हैं। इससे पहले उन्होंने भारत की स्पाइसजेट में काम किया था। उपलब्ध प्रोफाइल और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, विमानन क्षेत्र में उनका एक दशक से अधिक का अनुभव है।

मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उनका परिवार टेक्सटाइल कारोबार से जुड़ा था और उन्होंने शुरुआत में टेक्सटाइल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की थी। बाद में एक एविएशन सेमिनार के दौरान विमानन क्षेत्र के प्रति उनकी रुचि बढ़ी और उन्होंने पायलट बनने का फैसला किया।

जांच जारी, हमले के कारणों पर अभी तस्वीर साफ नहीं

घटना के बाद संबंधित एजेंसियां पूरे मामले की जांच कर रही हैं। सह-पायलट के कथित हमले के पीछे क्या कारण था और विमान को नुकसान पहुंचाने की वास्तविक मंशा क्या थी, इसकी जांच जारी है। इसलिए हमले के मकसद को लेकर सामने आए अलग-अलग दावों को फिलहाल जांच के निष्कर्ष के रूप में नहीं देखा जा सकता। इस घटना में कैप्टन मच्छार के साथ यात्रियों और क्रू सदस्यों की भूमिका भी अहम रही। गंभीर संकट के बीच सामूहिक प्रयासों से विमान को सुरक्षित उतारा गया और 174 लोगों की जान बची।

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