UPI Transaction Alert: 15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम, UPI पेमेंट पर ग्राहकों को कितना पड़ेगा असर, यहां देख लें पूरी डिटेल

UPI Transaction Alert: 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के P2M UPI भुगतान पर 0.4% MDR लागू होने की बात कही गई है। जानें क्या ग्राहकों से भी लिया जाएगा यह शुल्क।

Oct 7, 2026 - 22:50
Oct 7, 2026 - 22:50
 0  4
UPI Transaction Alert: 15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम, UPI पेमेंट पर ग्राहकों को कितना पड़ेगा असर, यहां देख लें पूरी डिटेल
15 अक्टूबर से UPI का नया नियम

UPI Transaction Alert: 15 अक्टूबर से लागू होगा नया नियम, UPI पेमेंट पर ग्राहकों को कितना पड़ेगा असर, यहां देख लें पूरी डिटेल 

नई दिल्ली । UPI से भुगतान करने वाले करोड़ों लोगों के लिए एक अहम अपडेट सामने आया है। 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के कुछ UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर MDR (Merchant Discount Rate) लागू होने की बात कही गई है। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि क्या इस शुल्क का बोझ सीधे ग्राहकों पर डाला जाएगा? पंजाब एंड सिंध बैंक के मैनेजिंग डायरेक्टर एवं सीईओ स्वरूप कुमार साहा के मुताबिक, ग्राहकों को इस शुल्क को अलग से चुकाने की जरूरत नहीं होगी। व्यापारियों को MDR का शुल्क ग्राहकों से वसूलने की अनुमति नहीं है। यानी ग्राहक को सामान या सेवा के लिए वही कीमत चुकानी होगी, जो व्यापारी ने तय या प्रदर्शित की है।

15 अक्टूबर से क्या बदलेगा?

बताया गया है कि 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के व्यक्ति-से-व्यापारी (P2M) UPI भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा। इसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये बताई गई है।हालांकि, यह शुल्क ग्राहक से अलग से नहीं लिया जा सकेगा। MDR का भुगतान मर्चेंट पक्ष से जुड़े नियमों के तहत होगा।

2,000 रुपये तक के UPI भुगतान पर क्या होगा?

2,000 रुपये तक के छोटे UPI मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर इस बदलाव का असर नहीं पड़ेगा। बैंक अधिकारी के मुताबिक, ऐसे छोटे लेनदेन UPI के कुल मर्चेंट ट्रांजैक्शन वॉल्यूम का 95 प्रतिशत से अधिक हिस्सा हैं। इसलिए रोजमर्रा की छोटी खरीदारी के लिए UPI भुगतान पहले की तरह जारी रहने की बात कही गई है।

व्यक्ति से व्यक्ति के बीच UPI ट्रांजैक्शन पर शुल्क नहीं

दो सामान्य व्यक्तियों के बीच होने वाले P2P (Person-to-Person) UPI लेनदेन पर इस MDR व्यवस्था का शुल्क लागू नहीं होगा। यानी किसी दोस्त या परिवार के सदस्य को पैसे भेजने जैसे सामान्य UPI ट्रांजैक्शन पर इसका असर नहीं पड़ेगा।

ग्राहक से MDR वसूलने की अनुमति नहीं

स्वरूप कुमार साहा ने स्पष्ट किया कि व्यापारी UPI के जरिए भुगतान स्वीकार करने की लागत को ग्राहक पर अलग से नहीं डाल सकते। ग्राहक को वस्तु या सेवा के लिए वही राशि देनी होगी, जो उसकी निर्धारित कीमत है।भुगतान स्वीकार करने की लागत को व्यापार के सामान्य परिचालन खर्च का हिस्सा माना जाता है। डिजिटल भुगतान से कारोबारियों को ग्राहकों की संख्या बढ़ने और नकदी प्रबंधन से जुड़े जोखिम कम होने जैसे फायदे भी मिलते हैं।

रेलवे, टेलीकॉम और पेट्रोल-डीजल जैसे क्षेत्रों में अलग व्यवस्था

कुछ विशेष श्रेणियों के मर्चेंट के लिए 2,000 रुपये से अधिक के UPI भुगतान पर अधिकतम 5 रुपये का फिक्स MDR लागू होने की बात कही गई है। इनमें रेलवे, टेलीकॉम बिल, इंश्योरेंस तथा पेट्रोल-डीजल जैसी श्रेणियां शामिल हैं।

ग्राहकों के लिए क्या है जरूरी?

अगर आप UPI से दुकानदार को भुगतान करते हैं, तो 15 अक्टूबर से 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांजैक्शन पर MDR व्यवस्था लागू होने की बात कही गई है, लेकिन इसका अलग से शुल्क ग्राहक से नहीं लिया जाना चाहिए। किसी दुकानदार द्वारा UPI भुगतान के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगने पर ग्राहक को सावधानी बरतनी चाहिए और भुगतान से पहले बिल या निर्धारित कीमत जरूर जांचनी चाहिए।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow