हरियाणा में साथ कमाने गए युवकों ने साथी के साथ की मारपीट, पिटाई के बाद मड़वास निवासी युवक की 2 दिन बाद मौत,मामला दर्ज
सीधी जिले के मड़वास निवासी युवक की हरियाणा के रोहतक में साथियों द्वारा कथित मारपीट के बाद मौत हो गई। 2 दिन बाद घर लौटने पर इलाज के दौरान दम तोड़ा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
हरियाणा में साथ कमाने गए युवकों ने साथी के साथ की मारपीट, पिटाई के बाद मड़वास निवासी युवक की 2 दिन बाद मौत,मामला दर्ज
रवि शुक्ला,मझौली। जिले के मड़वास थाना क्षेत्र के एक युवक की हरियाणा के रोहतक में कथित मारपीट के बाद मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, मड़वास निवासी गजाधर साकेत 14 सितंबर 2026 को करीब 20 मजदूरों के साथ काम करने के लिए ट्रेन से रोहतक (हरियाणा) गया था। 15 सितंबर की शाम सभी लोग रोहतक के बलयाना गांव पहुंचे, कमरे में ठहरे थे।
बताया गया कि 16 सितंबर की रात करीब 1:30 बजे गजाधर साकेत का सुरेंद्र कोल और दुर्गेश कोल के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान दोनों ने गजाधर के साथ लात-घूंसों से मारपीट की। जब हल्ला गुहार की आवाज आई तो बीच-बचाव किया गया, बाद आरोपी मौके से चले गए।
मारपीट के बाद गजाधर ने पेट, पसली और सीने में दर्द की शिकायत की, हालांकि शरीर पर बाहरी चोट के स्पष्ट निशान नहीं थे। परिजनों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी रीढ़ की हड्डी और अंदरूनी अंगों में गंभीर चोटें आईं।
अगली सुबह हालत बिगड़ने पर साथियों ने उसे मेडिकल स्टोर से दवा दिलाई, लेकिन आराम नहीं मिला। इसके बाद 17 सितंबर को उसे ट्रेन से वापस लाया गया। 18 सितंबर की दोपहर करीब 3 बजे मड़वास पहुंचने पर परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसी दिन रात करीब 8 बजे इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
बताया गया कि घटना की सूचना रोहतक में स्थानीय पुलिस को नहीं दी गई, क्योंकि साथियों को थाने की जानकारी नहीं थी। मृतक के परिजनों ने मड़वास थाना पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जिसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पुलिस जांच के बाद होगा खुलासा
कुसमी अनुभाग के एसडीओपी संतोष तिवारी ने बताया कि मजदूरों के बीच विवाद में मारपीट की बात सामने आई है। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और पोस्टमार्टम कराया गया है। पीएम रिपोर्ट आने के बाद डायरी हरियाणा पुलिस को भेजकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की भाभी पपिया साकेत ने आरोप लगाया कि गजाधर को काम के बहाने हरियाणा ले जाया गया और वहां बेरहमी से मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई और घर लाने के कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई।
मृतक के साथी ने बीच बचाव कर पहुंचाया घर
शिवबहोर पिता पिता शिवप्रसाद बंसल 30 वर्ष निवासी मडवास ने पुलिस को बताया कि 14 सितंबर 2026 दिन सोमवार को मै तथा मृतक गजाधर साकेत, अजय साकेत, अभिषेक केवट, सुरेन्द्र कोल, दुर्गेश कोल, अशोक कोल, अशोक नामदेव, लाला यादव, एवं अन्य लोग कुल 20 लोग मजदूरी करने के लिये मडवास ट्रेन से रोहतक हरियाँणा गये थे 15 सितंबर शाम को सभी लोग ग्राम बलयाना. रोहतक पहुँच गये, वही पर खाना पीना खाकर मारुती सुजुकी कंपनी के एक छोटा से कमरा में सभी 20 लोग एक साथ सिफ्ट हो गये। वही पर शराव दुकान से अपने अपने पैसे से अलग अलग शराव लेकर शराव पिये थे, गजाधर साकेत, सुरेन्द्र कोल, दुर्गेश कोल भी शराव पिये थे। कंपनी के कमरे से सभी 20 लोगों को नहीं समा रहे थे तो कुछ लोग कमरे के अंदर सोये और कुछ लोग कमरे के बाहर सो गये। मै और अशोक नामदेव कमरे के बाहर एक साथ जमीन पर चद्दर विछाकर सोये थे गजाधर साकेत कमरे के बाहर जमीन पर अकेले सोया था, सुरेन्द्र कोल, दुर्गेश कोल भी एक साथ कमरे के बाहर जमीन पर चद्दर विछाकर सोये थे, हम लोग काफी थके थे जिस कारण जल्दी सो गये। किसी कंपनी में ड्यूटी नही किये थे। रात के करीबन 1.30 बजे 16 सितंबर को अचानक हल्ला हो रहा था, मै और अशोक नामदेव उठकर देखे तो गजाधर साकेत के साथ सुरेन्द्र कोल, दुर्गेश कोल वाद विवाद कर लात घूसा से मारपीट कर रहे थे, हम लोग उनको बोले कि क्यो मार रहे हो, तो वे दोनो बोले कि ऐसे ही मारूंगा । फिर सुरेन्द्र कोल, दुर्गेश कोल ने गजाधर साकेत को छोडकर थोडी दूरी पर दुसरे रूम में चले गये, फिर गजाधर रोने लगा कि लात घूसे से मारे है तो पेट में, पसली में, सीने में दर्द हो रहा है, गजाधर साकेत के शरीर में कहीं बाहरी चोट नही थी वह अंदरूनी दर्द बता रहा था. यह बात बताकर वह सो गया। गजाधर साकेत, सुरेन्द्र कोल और दुर्गेश कोल दोनो शराव पिये थे। दिनांक 16 सितंबर को सुबह हुआ तो गजाधर बताया कि सुरेन्द्र कोल और दुर्गेश कोल मारे है तो पसली में काफी दर्द बता रहा था स्वयं चल नहीं पा रहा था, तो मै, अशोक कोल, अन्य दो लोग जिनका नाम मै नहीं जानता उसको पकड कर मार्केट मे मेडिकल स्टोर में दवाई लिये जो तीन टेवलेट खाने के लिये और एक क्रीम लगाने के लिये दिये, फिर राशन खरीदे और गजाधर बोले कि मेरा राशन मत लेना मुझे घर पहुंचा दो, फिर रूम आ गये, गजाधर साकेत व हम लोगो मे से किसी ने वहां पर थाने में सूचना नही दिया था क्योंकि हम लोगो को वहां के थाना के बारे में पता ही नहीं था। 17 सितम्बर को दिल्ली से मडवास ट्रेन से गजाधर साकेत को मैं, अजय साकेत, अभिषेक केवट लेकर मडवास उसके घर 18 सितम्बर को दोपहर 3 बजे आये, उसके घर वाले इलाज हेतु अस्पताल मडवास में भर्ती कराये जहां उसकी 8 बजे रात को मौत हो गई। फिलहाल, पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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