मझौली में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी, शासकीय परिसरों के 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू
मझौली में उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार न्यायालय परिसर, तहसील कार्यालय एवं अन्य शासकीय भवनों के 200 मीटर दायरे में धरना, प्रदर्शन, जुलूस, नारेबाजी और डीजे-साउंड सिस्टम पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। प्रशासन ने यह कदम न्यायालयीन कार्यों में बाधा, आम नागरिकों की सुरक्षा और लोक व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से उठाया है। आदेश 09 सितम्बर 2026 से आगामी दो माह तक प्रभावी रहेगा। नियमों के उल्लंघन पर भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। एकपक्षीय आदेश होने के बावजूद नागरिकों को धारा 163(5) के तहत आपत्ति दर्ज करने का अधिकार दिया गया है।
मझौली में धरना-प्रदर्शन पर प्रतिबंधात्मक आदेश जारी, शासकीय परिसरों के 200 मीटर दायरे में निषेधाज्ञा लागू
मझौली। उपखण्ड मजिस्ट्रेट मझौली आकाश अग्रवाल द्वारा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(2) के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया गया है। यह आदेश उपखण्ड न्यायालय मझौली, तहसील न्यायालय परिसर तथा इसके आसपास स्थित शासकीय कार्यालय परिसरों में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से लागू किया गया है।
आदेश में उल्लेख किया गया है कि इन परिसरों में आए दिन विभिन्न व्यक्ति, संगठन एवं राजनीतिक दलों द्वारा धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन, जुलूस और आंदोलन किए जाने से आम नागरिकों को असुविधा, बाधा तथा सुरक्षा संबंधी खतरे उत्पन्न होने की संभावना बनी रहती है। इससे न्यायालयीन कार्यों के संचालन में भी व्यवधान उत्पन्न होता है।
इसी स्थिति को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने उपखण्ड न्यायालय परिसर, तहसील न्यायालय परिसर एवं इससे लगे सभी शासकीय कार्यालयों तथा उपखण्ड क्षेत्र के अन्य शासकीय परिसरों को प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित किया है।
आदेश के प्रमुख प्रावधान
जारी आदेश के अनुसार प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर किसी भी प्रकार का धरना, प्रदर्शन, जुलूस, आंदोलन, घेराव या नारेबाजी पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसके साथ ही ढोल, डीजे, साउंड सिस्टम या किसी भी प्रकार के वाद्य यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई गई है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई व्यक्ति, संगठन या संस्था इस आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223 के तहत दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
200 मीटर दायरे में लागू रहेगी निषेधाज्ञा
यह आदेश 09 सितम्बर 2026 से आगामी दो माह की अवधि तक प्रभावशील रहेगा और उपखण्ड न्यायालय, तहसील न्यायालय तथा अन्य शासकीय कार्यालयों के 200 मीटर की परिधि में लागू रहेगा।
प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि परिस्थितियों की गंभीरता को देखते हुए समय अभाव के कारण यह आदेश एकपक्षीय रूप से जारी किया गया है। हालांकि, इससे व्यथित कोई भी व्यक्ति भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163(5) के अंतर्गत इस आदेश के विरुद्ध आपत्ति या आवेदन प्रस्तुत कर सकता है। प्रशासन ने नागरिकों से शांति व्यवस्था बनाए रखने और आदेश का पालन करने की अपील की है।
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