‘हनुमान अंश’, से पूरा बॉलीबुड थर्रा गया, 2 करोड़ की फिल्म ने पूरे देश में मचाया धमाल, जानें नीम करौली बाबा की कहानी
चित्रकूट में 80% शूट हुई ‘हनुमान अंश’ फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर रिकॉर्ड तोड़ कमाई की। जानें कहानी, शूटिंग लोकेशन और नीम करौली बाबा से जुड़ी खास बातें।
‘हनुमान अंश’, से पूरा बॉलीबुड थर्रा गया, 2 करोड़ की फिल्म ने पूरे देश में मचाया धमाल, जानें नीम करौली बाबा की कहानी
एंटरटेनमेंट डेस्क। आध्यात्मिक पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म ‘हनुमान अंश’ इन दिनों देशभर के सिनेमाघरों में चर्चा का केंद्र बनी हुई है। इस फिल्म की सबसे बड़ी खासियत इसकी कहानी के साथ जुड़ा चित्रकूट की तपोभूमि का जीवंत चित्रण है। जानकारी के मुताबिक, फिल्म की करीब 80 प्रतिशत शूटिंग चित्रकूट के धार्मिक और प्राकृतिक स्थलों पर हुई, जिसने इसे बाकी फिल्मों से अलग पहचान दिलाई।
मंदाकिनी तट से शुरू हुई कहानी, खास संयोग ने बढ़ाई आस्था
फिल्म का पहला दृश्य मंदाकिनी नदी किनारे स्थित पंजाबी बाबा आश्रम में फिल्माया गया। शूटिंग के दौरान निर्देशक डॉ. विशाल चतुर्वेदी को यह जानकारी मिली कि जिस कमरे में शूटिंग हो रही है, वहां कभी नीम करौली बाबा भी ठहर चुके थे। इस संयोग ने पूरी यूनिट के लिए इस स्थान को बेहद खास और भावनात्मक बना दिया।
स्थानीय कलाकारों को मिला बड़ा मंच
फिल्म में चित्रकूट के शिवरामपुर निवासी रवि साहू ने सूबेदार का किरदार निभाया है। उनका चयन पारंपरिक ऑडिशन प्रक्रिया से नहीं, बल्कि निर्देशक से सीधी मुलाकात के बाद हुआ। रवि साहू के अनुसार, उनका सीन गांव के जूनियर हाईस्कूल की पुरानी इमारत में शूट किया गया, जिसे फिल्म के लिए अस्थायी थाना और जेल में बदला गया था। इसी सेट में एक दृश्य दिखाया गया, जिसमें बाबा को बंद किए जाने के बाद उनके रहस्यमयी तरीके से गायब होने की घटना फिल्माई गई।
शूटिंग के दौरान भक्ति का माहौल
रवि साहू ने बताया कि शूटिंग के दौरान रोजाना सेट पर गणेश पूजन और हनुमान चालीसा का पाठ किया जाता था। पूरी यूनिट में आध्यात्मिक माहौल बना रहता था, जिससे कलाकारों और तकनीकी टीम को एक अलग ऊर्जा मिलती थी।
काले बंदर की घटना बनी चर्चा का विषय
शूटिंग के दौरान एक अनोखा अनुभव भी सामने आया। जब सेट पर हनुमानजी की मूर्ति स्थापना की जा रही थी, उसी समय एक काला बंदर अचानक वहां आकर पेड़ पर बैठ गया और काफी देर तक गतिविधियों को देखता रहा। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उस क्षेत्र में लंबे समय बाद ऐसा दृश्य देखने को मिला। बाद में बंदर गुफा के पास जाकर कुछ समय रुककर वहां से चला गया। टीम ने इसे यादगार और विशेष अनुभव बताया।
गांव-गांव से जुड़ी फिल्म
शिवरामपुर के अलावा आरोग्यधाम, पंजाबी बाबा आश्रम और परसौंजा गांव में भी फिल्मांकन किया गया। परसौंजा में निर्देशक खुद गांव-गांव जाकर लोगों से फिल्म में शामिल होने की अपील करते थे। ग्रामीणों को पारंपरिक वेशभूषा—धोती-कुर्ता, कुर्ता-पायजामा, सदरी—में आने के लिए कहा जाता था, वहीं महिलाओं को साड़ी पहनकर शामिल होने का आग्रह किया गया।फिल्म में स्थानीय कलाकार अभिषेक मिश्रा ने भी अभिनय किया, जिससे क्षेत्रीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिला।
छोटे बजट की फिल्म, बड़ी सफलता की कहानी
‘हनुमान अंश’ की सफलता ने फिल्म इंडस्ट्री को भी चौंका दिया है। करीब 2 करोड़ रुपये के बजट में बनी यह फिल्म 7 अगस्त 2026 को रिलीज हुई। शुरुआत में फिल्म को ज्यादा दर्शक नहीं मिले और पहले दिन इसका कलेक्शन लगभग 10 लाख रुपये ही रहा।लेकिन कुछ ही हफ्तों में दर्शकों के बीच फिल्म की चर्चा बढ़ती गई। वर्ड ऑफ माउथ के चलते फिल्म की कमाई में अचानक उछाल आया और चौथे सप्ताह तक यह फिल्म एक दिन में 10–12 करोड़ रुपये तक कमाने लगी।
रिकॉर्ड तोड़ कमाई
रिपोर्ट्स के अनुसार, फिल्म ने एक महीने के भीतर ही 100 करोड़ रुपये से अधिक का कारोबार कर लिया और कुछ आंकड़ों में यह 150 से 180 करोड़ रुपये तक पहुंचती नजर आई। इस तरह यह फिल्म अपनी लागत से कई गुना ज्यादा कमाई कर लो बजट सुपरहिट फिल्मों की सूची में शामिल हो गई।
क्या है फिल्म की कहानी और संदेश
‘हनुमान अंश’ की कहानी एक ऐसे बालक से शुरू होती है, जो अपनी मां को खोने के बाद भगवान की तलाश में निकल पड़ता है। उसकी यह यात्रा धीरे-धीरे उसे आध्यात्मिक मार्ग की ओर ले जाती है। फिल्म में दिखाया गया है कि ईश्वर की प्राप्ति तर्क या शक्ति से नहीं, बल्कि सेवा, प्रेम और करुणा से होती है। यही संदेश इसे आम दर्शकों से जोड़ता है।
नीम करौली बाबा के जीवन से प्रेरित
यह फिल्म पूरी तरह जीवनी नहीं है, बल्कि नीम करौली बाबा के जीवन और शिक्षाओं से प्रेरित है। उनका मूल नाम लक्ष्मण नारायण शर्मा बताया जाता है। उन्होंने गृहस्थ जीवन भी जिया और बाद में साधु बनकर लोगों को प्रेम, सेवा और भक्ति का संदेश दिया।
उनकी शिक्षाओं का सार तीन बातों में माना जाता है—
सबको प्रेम करो
सबकी सेवा करो
भगवान को याद रखो
कैंची धाम और आगे की कहानी
फिल्म के अगले भाग (पार्ट-2) में नैनीताल स्थित कैंची धाम की कहानी दिखाई जाएगी। यह वही स्थान है, जहां बाबा ने 1964 में हनुमान मंदिर और आश्रम की स्थापना की थी।
फिल्म से जुड़े प्रमुख चेहरे
फिल्म का निर्देशन डॉ. विशाल चतुर्वेदी ने किया है।नीम करौली बाबा की भूमिका शोभिनव सत्या ने निभाई है। अन्य कलाकारों में चंदन आनंद, पूर्णिमा तिवारी, विहान शेडगे, निखिल दुबे और उदयसिंह राजपूत शामिल हैं। फिल्म का चर्चित भजन ‘मैंने तेरे ही भरोसे’ गायक सुनील लोधी ने गाया है, जो मध्य प्रदेश के सागर जिले के निवासी हैं और सोशल मीडिया से पहचान बनाकर इस फिल्म तक पहुंचे।
बॉलीवुड को चौंकाने वाली फिल्म
‘हनुमान अंश’ को लेकर दर्शकों में अलग तरह का उत्साह देखने को मिल रहा है। कई जगहों पर दर्शक भावुक होकर फिल्म देखते नजर आए। कुछ सिनेमाघरों में लोग जूते-चप्पल उतारकर श्रद्धा के साथ फिल्म देख रहे हैं।बिना बड़े सितारों और भारी प्रमोशन के इस फिल्म की सफलता ने यह साबित कर दिया कि मजबूत कंटेंट और भावनात्मक जुड़ाव आज भी दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींच सकता है।
चित्रकूट बना फिल्म की आत्मा
कुल मिलाकर, ‘हनुमान अंश’ सिर्फ एक फिल्म नहीं बल्कि चित्रकूट की आध्यात्मिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य और जनभागीदारी का संगम बनकर उभरी है। यही कारण है कि यह फिल्म दर्शकों के लिए केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक अनुभव बनती जा रही है।
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