सीधी में महिला प्रधान आरक्षक हत्याकांड का खुलासा: 1300 KM दूर मुंबई से आरोपी पति गिरफ्तार
मध्य प्रदेश के सीधी में महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत हत्याकांड में बड़ा खुलासा। फरार आरोपी पति को 1300 किलोमीटर दूर मुंबई से पुलिस ने गिरफ्तार किया। जानिए पूरी कार्रवाई।
सीधी में महिला प्रधान आरक्षक हत्याकांड का खुलासा: 1300 KM दूर मुंबई से आरोपी पति गिरफ्तार,पंचर की दुकान पर बनकर बैठी पुलिस
सीधी। मध्य प्रदेश के सीधी जिले में करीब एक साल पहले हुए महिला प्रधान आरक्षक हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। फरार चल रहे आरोपी पति को महाराष्ट्र के मुंबई के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है। यह कार्रवाई सीधी पुलिस की रणनीतिक और तकनीकी निगरानी का बड़ा उदाहरण मानी जा रही है।
क्या था पूरा मामला
15 सितंबर 2025 की रात थाना कोतवाली क्षेत्र के पुलिस लाइन स्थित आवास क्रमांक G-7 में महिला प्रधान आरक्षक सविता साकेत की हत्या कर दी गई थी। मृतका की पुत्री की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।प्रारंभिक जांच में सामने आया कि सविता साकेत और उनके पति वीरेन्द्र साकेत के बीच लंबे समय से पारिवारिक विवाद चल रहा था। घटना वाली रात भी दोनों के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद सविता अपने कमरे में मृत पाई गईं।
1300 किलोमीटर दूर मुंबई में छिपा था आरोपी
हत्या के बाद आरोपी पति वीरेन्द्र साकेत उर्फ लाला फरार हो गया था। पुलिस ने उस पर ₹10,000 का इनाम घोषित किया था। लगातार लोकेशन बदलते हुए आरोपी आखिरकार महाराष्ट्र के राजगढ़ जिले के एक इंडस्ट्रियल एरिया में ड्राइवर के रूप में काम करते हुए पाया गया।सीधी पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र के आधार पर उसकी लोकेशन ट्रेस की और टीम को मुंबई के आसपास तैनात किया।
पंचर की दुकान पर बनकर बैठी पुलिस, ऐसे दबोचा आरोपी
आरोपी की दिनचर्या पर नजर रखने के दौरान पुलिस को पता चला कि वह रोज एक पंचर की दुकान पर वाहन की हवा चेक कराने आता है। इसके बाद पुलिस ने सादी वर्दी में उसी दुकान पर काम करना शुरू किया और सही समय का इंतजार किया। जैसे ही आरोपी दुकान पर पहुंचा, टीम ने बिना शक होने दिए उसे चारों ओर से घेरकर गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम की बड़ी सफलता
यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी के निर्देशन में की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमला जोशी और डीएसपी सुजीत कड़वे के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी दिव्य प्रकाश त्रिपाठी के नेतृत्व में टीम ने यह सफलता हासिल की।गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पुलिस रिमांड लेकर आगे की पूछताछ जारी है।
लगातार प्रयास से मिली कामयाबी
इस संवेदनशील मामले की निगरानी गौरव राजपूत और डीआईजी हेमंत चौहान द्वारा की जा रही थी। पुलिस टीम की इस सफलता पर उच्च अधिकारियों ने सराहना करते हुए पुरस्कृत करने की घोषणा की है।सीधी पुलिस की यह कार्रवाई दर्शाती है कि गंभीर अपराधों में फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए तकनीकी निगरानी और जमीनी रणनीति का संयोजन कितना प्रभावी साबित होता है। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी तक अभियान जारी रहेगा।
What's Your Reaction?