Online Gaming Tragedy: ‘मम्मी-पापा का ध्यान रखना दीदी…’ 17 साल के छात्र ने दी जान, सुसाइड से पहले लिखा भावुक मैसेज
Online Gaming Tragedy: ‘मम्मी-पापा का ध्यान रखना दीदी…’ 17 साल के छात्र ने दी जान, सुसाइड से पहले लिखा भावुक मैसेज
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महाराष्ट्र। रक्षाबंधन के दिन एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां 17 वर्षीय छात्र ने ऑनलाइन गेमिंग में पैसे गंवाने के बाद आत्महत्या कर ली। कक्षा 11 में पढ़ने वाले इस छात्र की पहचान रोहित साहेबराव धनगर के रूप में हुई है। इस घटना से परिवार में मातम पसरा हुआ है।
राखी मनाने के बाद घर लौटा, फिर उठाया खौफनाक कदम
teenager suicide due to gaming india: जानकारी के मुताबिक, रोहित रक्षाबंधन के मौके पर अपनी बहन के घर गया था। वहां उसने बहन से राखी बंधवाई और पिता के साथ बाइक से घर लौट आया। सब कुछ सामान्य लग रहा था, लेकिन घर पहुंचने के बाद उसने ऐसा कदम उठा लिया, जिसने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।
‘सबका ख्याल रखना दीदी…’ सोशल मीडिया पर लिखा आखिरी संदेश
घर लौटने के बाद रोहित ने इंस्टाग्राम पर एक भावुक पोस्ट शेयर किया. उसने लिखा,“सबका ख्याल रखना दीदी… मम्मी-पापा को अकेला मत छोड़ना, मैं जा रहा हूं।” बताया जा रहा है कि उसने अपने एक दोस्त को वीडियो मैसेज भी भेजा, जिसमें उसने ऑनलाइन गेमिंग में पैसे हारने की बात कही थी.
दोस्त पहुंचे, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी
online gaming loss money mental stress: मैसेज मिलने के बाद उसका दोस्त और अन्य लोग तुरंत उसके घर पहुंचे, लेकिन तब तक रोहित फांसी लगा चुका था। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. ‘अगली बार सबका चहेता बनके आऊंगा…’ दूसरा भावुक स्टेटस आत्महत्या से पहले रोहित ने एक और स्टेटस शेयर किया था, जिसमें लिखा था—“अगली बार आऊंगा तो सबका चहेता बनके आऊंगा… जो दाग रह गए उन्हें मिटाकर आऊंगा…” यह संदेश पढ़कर हर कोई भावुक हो गया।
परिवार का रो-रोकर बुरा हाल, पुलिस कर रही जांच
social media last message suicide case: इस घटना के बाद परिवार सदमे में है. परिजनों का कहना है कि अगर रोहित ने पहले अपनी परेशानी बताई होती, तो वे उसकी मदद जरूर करते। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और उसके मोबाइल व सोशल मीडिया की जांच की जा रही है।
ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता खतरा
विशेषज्ञों के मुताबिक, ऑनलाइन गेमिंग की लत बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गंभीर असर डाल रही है.विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने ‘Gaming Disorder’ को मानसिक बीमारी माना है.लगातार गेमिंग से तनाव, डिप्रेशन और अकेलापन बढ़ सकता है.कई मामलों में बच्चे आर्थिक नुकसान और मानसिक दबाव के कारण गलत कदम उठा लेते हैं।
Disclaimer: जीवन बेहद अनमोल है। किसी भी समस्या का समाधान आत्महत्या नहीं है। अगर आप या आपका कोई परिचित मानसिक तनाव से गुजर रहा है, तो परिवार, दोस्तों या विशेषज्ञ से बात जरूर करें। सरकार द्वारा जारी हेल्पलाइन सेवाओं का भी सहारा लिया जा सकता है।
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