नवजात की मौत के बाद मझौली में 4 घंटे तक चक्काजाम, परिजनों ने स्टाफ नर्सों पर पैसे मांगने और अभद्रता का लगाया गंभीर आरोप,Video
मध्य प्रदेश के सीधी जिले के मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने 4 घंटे तक चक्काजाम किया। स्टाफ नर्सों पर आरोप लगे, जनपद कार्यकाल के सामने मेन रोड पर ट्रेक्टर खड़ा कर रोका रास्ता,अधिकारियों ने जांच का आश्वासन दिया।
नवजात की मौत के बाद मझौली में 4 घंटे तक चक्काजाम, परिजनों ने स्टाफ नर्सों पर पैसे मांगने और अभद्रता का लगाया गंभीर आरोप,Video
मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में प्रसव के बाद नवजात की मौत से भड़के परिजन; जनपद कार्यालय के सामने ट्रैक्टर खड़े कर रोका रास्ता, जांच के बाद कार्रवाई का अधिकारियों ने दिया आश्वासन
मझौली, रवि शुक्ला। मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नवजात शिशु की मौत के बाद परिजनों ने मझौली जनपद के सामने मेन रोड पर चक्काजाम कर दिया। करीब 4 घंटे तक चले जाम के कारण सड़क पर आवागमन बाधित रहा और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। चक्काजाम में मृत नवजात के परिजनों के साथ अन्य लोग भी शामिल हो गए। इसी दौरान दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोग भी मौके पर पहुंच गए, जिससे सड़क पर भीड़ बढ़ गई।
परिजनों ने अस्पताल के स्टाफ नर्सों पर अभद्रता करने, पैसे मांगने और उपचार के दौरान लापरवाही बरतने के आरोप लगाए। उनकी मांग थी कि संबंधित स्टाफ नर्सों को निलंबित किया जाए और जिम्मेदार डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो। मामले में मझौली बीएमओ दीपक सिंह और तहसीलदार दिलीप सिंह ने जांच कराकर दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
सुबह 10 बजे हुआ था नवजात का जन्म
परिजनों के अनुसार, प्रसूता फूलमती साहू उम्र 24, पति भोले साहू, को प्रसव के लिए एक दिन पहले मझौली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लाया गया था। इसके बाद बुधवार सुबह करीब 9 बजे उन्हें दोबारा अस्पताल लाया गया। परिजनों ने बताया कि सुबह करीब 10 बजे प्रसव हुआ और जन्म के समय नवजात शिशु स्वस्थ था। यह दंपती का पहला बच्चा था।
परिजनों का आरोप है कि जन्म के कुछ समय बाद नवजात की तबीयत बिगड़ने लगी। इसके बाद अस्पताल में मौजूद स्टाफ नर्सों ने उसे ऑक्सीजन दी। परिजनों ने दावा किया कि ऑक्सीजन देने के दौरान बिजली चली गई थी और इसी घटनाक्रम के बीच नवजात की मौत हो गई। हालांकि, नवजात की मौत के वास्तविक कारणों और उपचार के दौरान किसी प्रकार की लापरवाही हुई या नहीं, यह जांच का विषय है।
स्टाफ नर्सों पर अभद्रता और पैसे मांगने के आरोप
मृत नवजात के परिजनों ने आरोप लगाया कि अस्पताल में उनसे पैसे की मांग की गई और प्रसूता के साथ अभद्र व्यवहार किया गया। परिजनों के मुताबिक, नवजात के जन्म के बाद उसे एक इंजेक्शन लगाया गया था और कुछ देर बाद ऑक्सीजन दी गई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि विरोध करने पर स्टाफ नर्सों ने कथित तौर पर कहा कि जिसे बुलाना हो बुला लो, वे किसी से नहीं डरतीं। इन आरोपों को लेकर परिजन आक्रोशित हो गए और संबंधित कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ गए।
ट्रैक्टर खड़ा कर बंद किया रास्ता, जनपद का गेट भी किया बंद
आक्रोशित लोगों ने मझौली जनपद कार्यालय के सामने सड़क पर कई ट्रैक्टर खड़े कर दिए, जिससे वाहनों का निकलना मुश्किल हो गया। इतना ही नहीं, जनपद कार्यालय परिसर में बने बाउंड्रीवॉल के गेट को भी बंद कर दिया गया। इसके चलते आम लोगों और अन्य राहगीरों को आवागमन में परेशानी उठानी पड़ी। इस दौरान कुछ बाइक सवारों ने जाम से निकलने का प्रयास किया तो आंदोलनकारियों के साथ उनकी कहासुनी हो गई। वहीं कुछ लोग अभद्रता और मारपीट पर उतारू हो गए। स्थिति बिगड़ती देख मझौली पुलिस ने हस्तक्षेप किया और मामले को शांत कराया। चक्काजाम के दौरान दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के लिए जा रहे लोगों की आवाजाही भी प्रभावित हुई। करीब 4 घंटे तक सड़क पर गतिरोध बना रहा।
बीएमओ बोले- जांच के बाद होगी सख्त कार्रवाई
मझौली बीएमओ दीपक सिंह ने कहा कि पैसे के लेनदेन और मारपीट से संबंधित जो बातें सामने आई हैं, उनकी जांच कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि घटना के समय दो डॉक्टर और तीन स्टाफ नर्स ड्यूटी पर थीं। जांच टीम गठित की जाएगी और जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर उचित एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन
मझौली तहसीलदार दिलीप सिंह ने बताया कि घटना के संबंध में परिजनों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। मामले की जांच के लिए टीम गठित कराई जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों की जानकारी संबंधित विभाग को भेजी जाएगी। इसके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, नवजात की मौत को लेकर परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच और अस्पताल में उपचार के दौरान हुई घटनाओं की पड़ताल महत्वपूर्ण है। जांच में ही स्पष्ट हो सकेगा कि नवजात की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस मामले में किसी की जिम्मेदारी बनती है या नहीं। यह जांच का विषय है। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या तथ्य सामने आते है और क्या कार्यवाही की जाती है।
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