मझौली में अव्यवस्थाओं के बीच रावण दहन, न दुर्गा झांकियां दिखी न बैठने की रही समुचित व्यवस्था
सीधी जिले के मझौली में दशहरा पर्व पर अव्यवस्थाओं के बीच रावण दहन हुआ। दुर्गा झांकियां नहीं दिखीं, बैठक व्यवस्था का अभाव रहा और तैयारियों को लेकर भी सवाल उठे।
मझौली में अव्यवस्थाओं के बीच रावण दहन, न दुर्गा झांकियां दिखी न बैठने की रही समुचित व्यवस्था
मझौली। मझौली नगर परिषद क्षेत्र में दशहरा पर्व का आयोजन इस वर्ष अव्यवस्थाओं के बीच महज औपचारिकता बनकर रह गया। बिना किसी विशेष पूर्व तैयारी और मुख्य अतिथि के आयोजित कार्यक्रम में दुर्गा झांकियों की अनुपस्थिति भी लोगों के बीच चर्चा का विषय रही। वहीं चर्चा का विषय यह भी है कि लोगों को सूचना भी नहीं दी गई थी, आयोजन के दौरान बैठक व्यवस्था का अभाव दिखाई दिया, जिसके चलते बच्चे, महिलाएं और पुरुष चारा घांस में खुले मैदान में खड़े होकर कार्यक्रम देखने को मजबूर रहे। कार्यक्रम के तहत नगर परिषद अध्यक्ष शंकर लाल गुप्ता ने सुबह करीब 10 बजे लगभग 25 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया। हालांकि, परंपरागत रूप से धनुष से तीर चलाकर रावण दहन करने के प्रयास में नगर अध्यक्ष सफल नहीं हो सके। इसके बाद रावण के पुतले के पैर की ओर धान के पैरा में रखकर पेट्रोल की सहायता से उसे जलाया गया। इस घटनाक्रम ने आयोजन की तैयारियों और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े किए।
बैठक व्यवस्था का अभाव, खुले मैदान में खड़े रहे दर्शक
दशहरा उत्सव के दौरान दर्शकों के लिए बैठने की समुचित व्यवस्था नहीं की गई थी। मैदान में खर-पतवार फैले होने के बावजूद बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद रहे। वहीं खुले आसमान के नीचे खड़े रहे, खासकर बच्चों और महिलाओं को काफी देर तक खड़े रहकर कार्यक्रम देखना पड़ा। आयोजन में बुनियादी सुविधाओं की कमी स्पष्ट रूप से नजर आई।
सांस्कृतिक कार्यक्रम में एसडीओपी संतोष तिवारी ने बांधा समां
रावण दहन के बाद आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम में एसडीओपी संतोष तिवारी ने अपनी सुरीली आवाज में भजन प्रस्तुत कर दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। उनकी प्रस्तुति ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों का मनोरंजन किया और सांस्कृतिक आयोजन में कुछ उत्साह भरने का प्रयास किया।
अधिकांश पार्षद और गणमान्य नागरिक रहे दूर
कार्यक्रम में नगर परिषद के अधिकांश पार्षदों और क्षेत्र के कई वरिष्ठ एवं संभ्रांत नागरिकों की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय रही। आयोजन में अपेक्षित जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों की भागीदारी नहीं दिखी। इससे दशहरा जैसे पारंपरिक और सार्वजनिक महत्व के पर्व के आयोजन को लेकर सवाल उठे। कुल मिलाकर, मझौली का दशहरा उत्सव इस बार अपेक्षित भव्यता और व्यवस्थाओं के अभाव में संपन्न हुआ। आयोजन में दुर्गा झांकियों की अनुपस्थिति, दर्शकों के लिए बैठक व्यवस्था का अभाव और रावण दहन के दौरान सामने आई स्थिति ने कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर चर्चा का विषय बना हुआ है।
इनकी रही विशेष उपस्थित
कार्यक्रम में भाजपा नेता लवकेश सिंह,मंडल अध्यक्ष प्रवीण तिवारी,व्यापारी संघ अध्यक्ष रजनीश गुप्ता,उपखंड अधिकारी आकाश अग्रवाल, एसडीओपी संतोष तिवारी, तहसीलदार दिलीप सिंह और थाना प्रभारी विशाल शर्मा सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
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