Sidhi Lokayukt trap: सीधी में लोकायुक्त का शिकंजा: 40 हजार की रिश्वत लेते जनजातीय कार्य विभाग का कर्मचारी गिरफ्तार,VIDEO
सीधी में लोकायुक्त का शिकंजा: 40 हजार की रिश्वत लेते जनजातीय कार्य विभाग का कर्मचारी गिरफ्तार
सीधी। मध्यप्रदेश के सीधी जिले में भ्रष्टाचार के विरुद्ध लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जनजातीय कार्य विभाग के प्रभारी मंडल संयोजक संजय सिंह को 40 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे कलेक्ट्रेट परिसर स्थित जनजातीय कार्य विभाग के कार्यालय में की गई। आरोपी अपने मूल पद पर अधीक्षक के रूप में पदस्थ बताया गया है। मामले में विभाग की अधीक्षिका सुनीता पांडेय की भूमिका भी जांच के दायरे में है।
लंबित वेतन भुगतान के लिए रिश्वत मांगने का आरोप
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता अशोक कुमार योगी जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत दैनिक वेतनभोगी रसोइये के रूप में कार्यरत थे। वर्ष 2006 में कर्मचारियों की संख्या अधिक होने के कारण उन्हें काम से बाहर कर दिया गया था। इसके बाद से उनके लंबित वेतन के भुगतान का मामला अटका हुआ था।
आरोप है कि लंबित वेतन का भुगतान कराने के एवज में उनसे 50 हजार रुपये की रिश्वत मांगी गई थी। परेशान शिकायतकर्ता ने इस संबंध में लोकायुक्त पुलिस रीवा से शिकायत की। शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगे जाने संबंधी आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए।
जाल बिछाकर की गई कार्रवाई
शिकायत के सत्यापन के बाद लोकायुक्त पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की तैयारी की। गुरुवार शाम टीम ने कलेक्ट्रेट स्थित जनजातीय कार्य विभाग के कार्यालय में दबिश दी और प्रभारी मंडल संयोजक संजय सिंह को 40 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते पकड़ लिया। इस कार्रवाई से विभागीय परिसर में हलचल मच गई। ट्रैप की कार्रवाई पूरी होने के बाद आरोपी को सीधी स्थित उच्च विश्राम गृह ले जाया गया, जहां आगे की वैधानिक प्रक्रिया संपन्न की गई।
अधीक्षिका सुनीता पांडेय की भूमिका भी जांच के घेरे में
इस प्रकरण में अधीक्षिका सुनीता पांडेय की भूमिका का भी उल्लेख किया गया है। लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, उनकी भूमिका से जुड़े तथ्यों की विवेचना की जाएगी। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। मामले में संबंधित आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किए जाने की जानकारी सामने आई है।
टीआई नरेश बेहरा के नेतृत्व में पहुंची 15 सदस्यीय टीम
लोकायुक्त रीवा की 15 सदस्यीय टीम ने टीआई नरेश बेहरा के नेतृत्व में यह कार्रवाई की। लंबित वेतन भुगतान जैसे मामले में कथित रिश्वतखोरी के आरोप पर हुई इस कार्रवाई ने एक बार फिर सरकारी कार्यालयों में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया है।
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