सीधी: छात्र-छात्राओं से मारपीट और शराब पीकर अस्लील शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में शिक्षक को नोटिस
सीधी जिले के मझौली के धनौर माध्यमिक विद्यालय के शिक्षक पर छात्र-छात्राओं से मारपीट , अश्लिल शब्दों का प्रयोग कर शराब पीकर स्कूल आने के आरोप। जिला शिक्षा अधिकारी ने कारण बताओ नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगा।
सीधी: छात्र-छात्राओं से मारपीट और शराब पीकर अस्लील शब्दों का प्रयोग करने के आरोप में शिक्षक को नोटिस,मझौली के धनौर माध्यमिक विद्यालय का मामला
मझौली, रवि शुक्ला। मध्य प्रदेश के सीधी जिले के मझौली विकासखंड अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय धनौर में पदस्थ प्राथमिक शिक्षक कमलेश कुमार रावत के विरुद्ध छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों ने मारपीट, अभद्र व्यवहार करने और शराब के नशे में विद्यालय आने के आरोप में मड़वास थाना आकर आंदोलन करने लगे और शिक्षक पर कार्यवाही की मांग करने लगे,मड़वास थाने में उक्त मामले को लेकर मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था।और शिक्षा विभाग को पत्र प्रेषित किया था, मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने शिक्षक को कारण बताओ सूचना जारी कर तीन दिवस के भीतर अभिलेखीय पुष्टि के साथ समाधानकारक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से जारी पत्र क्रमांक 3757, दिनांक 2 अक्टूबर 2026 के पत्र में उल्लेख किया गया है कि, शिक्षक के विरुद्ध 17 अक्टूबर को विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और टीवी चैनलों पर खबरें प्रसारित हुई थीं। इसके बाद विद्यालय के प्रधानाध्यापक कल्याण प्रसाद साकेत द्वारा भी संबंधित अधिकारियों को घटना की जानकारी दी गई।
छात्राओं ने लगाए मारपीट और अभद्र व्यवहार के आरोप
कारण बताओ नोटिस में उल्लेख किया गया है कि प्रधानाध्यापक की रिपोर्ट के अनुसार, शिक्षक 16 अक्टूबर 2026 को कथित तौर पर शराब पीकर विद्यालय पहुंचे थे। आरोप है कि उन्होंने कक्षा छह और सात के विद्यार्थियों के साथ अनुचित व्यवहार किया। बाद में कक्षा आठ की छात्राओं ने बच्चों के रोने की आवाज सुनने और उनके साथ दुर्व्यवहार किए जाने की जानकारी दी। नोटिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान छात्र-छात्राओं ने शिक्षक पर उन्हें मुर्गा बनाने, अभद्र व्यवहार करने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं।
अभिभावकों की शिकायत पर पुलिस ने दर्ज किया मामला
नोटिस में थाना मड़वास से प्राप्त जानकारी का हवाला देते हुए बताया गया है कि छात्राओं और उनके अभिभावकों ने शिक्षक के विरुद्ध पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि शिक्षक ने कथित तौर पर बच्चों को अश्लील गालियां दीं, हाथ-मुक्कों से मारपीट की और कुछ छात्राओं के बाल पकड़कर खींचे। बच्चों को मुर्गा बनाकर बैठाने तथा घटना के बारे में घर पर नहीं बताने के लिए कहने के आरोप भी शिकायत में शामिल हैं।
पुलिस की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र के अनुसार, इस मामले में अपराध क्रमांक 519/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(बी), 115(2) तथा किशोर न्याय अधिनियम, 2015 की धारा 75 के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।
गांव वालों के आक्रोश के बाद विद्यालय में बनी तनावपूर्ण स्थिति
विभागीय नोटिस के अनुसार, घटना से नाराज ग्रामीणों ने 17 अक्टूबर को विद्यालय परिसर में विरोध किया और पूरे स्टाफ को विद्यालय से बाहर कर दिया। इसके बाद मामला पुलिस और शिक्षा विभाग तक पहुंचा। विभाग ने घटना को गंभीर मानते हुए शिक्षक के पूर्व में प्रस्तुत स्पष्टीकरण को भी असंतोषजनक बताया है।
शिक्षा विभाग ने नियमों के उल्लंघन का माना गंभीर मामला
जिला शिक्षा अधिकारी ने नोटिस में उल्लेख किया है कि विद्यालय में शराब के नशे में उपस्थित होना मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम, 1965 के तहत पदीय गरिमा के विपरीत और अनुशासनहीनता की श्रेणी में आ सकता है। वहीं, विद्यार्थियों को शारीरिक दंड देना या मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 की धारा 17(1) तथा किशोर न्याय अधिनियम, 2015 के प्रावधानों का उल्लंघन बताया गया है।
तीन दिन में जवाब नहीं देने पर होगी कार्रवाई
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने शिक्षक कमलेश कुमार रावत से पूछा है कि उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए। उन्हें तीन दिवस के भीतर अभिलेखीय प्रमाणों के साथ अपना जवाब प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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