मझौली: ग्राम पंचायत छुही में भ्रष्टाचार की खुली पोल! बिना तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के 1 लाख 95 हजार का हो गया भुगतान

Oct 26, 2026 - 08:09
Oct 26, 2026 - 08:10
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मझौली: ग्राम पंचायत छुही में भ्रष्टाचार की खुली पोल! बिना तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के 1 लाख 95 हजार का हो गया भुगतान
मझौली जनपद के ग्राम पंचायत छुही में भ्रष्टाचार की खुली पोल! (फोटो: ग्राम पंचायत)
मझौली: ग्राम पंचायत छुही में भ्रष्टाचार की खुली पोल! बिना तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के 1 लाख 95 हजार का हो गया भुगतान
मझौली: ग्राम पंचायत छुही में भ्रष्टाचार की खुली पोल! बिना तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के 1 लाख 95 हजार का हो गया भुगतान
मझौली: ग्राम पंचायत छुही में भ्रष्टाचार की खुली पोल! बिना तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के 1 लाख 95 हजार का हो गया भुगतान

मझौली: ग्राम पंचायत छुही में भ्रष्टाचार की खुली पोल! बिना तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन के 1 लाख 95 हजार का हो गया भुगतान

सीधी/मझौली । मझौली जनपद के ग्राम पंचायत छुही में पंचायत की राशि के उपयोग को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान लड्डू की खरीदी के नाम पर ₹29,760 के भुगतान और स्कूल से कोटा बैगान बस्ती तक सड़क निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण के लिए न तो तकनीकी स्वीकृति ली गई और न ही मूल्यांकन कराया गया, इसके बावजूद पंचायत के खाते से राशि निकाल ली गई। मामले में सरपंच सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। ग्राम पंचायत सचिव से फोन के माध्यम से जानकारी चाही गई तो उन्होंने स्वीकार किया कि बिना तकनीकी स्वीकृत के सड़क का निर्माण कराया गया है। जानकारों की मानें तो बिना तकनीकी स्वीकृत के कोई भी निर्माण नहीं कराया जा सकता है अगर कॉन्ट्रजेंसी से पंचायत कराना चाहती है तो 25 हजार तक करवा सकती है। लेकिन ग्राम पंचायत छुही के सचिव और सरपंच मिलकर बिना लिखित जनकारी और स्वीकृत के राशि का बंदरबाट कर दिया गया।

  सड़क निर्माण के नाम पर तीन बिलों से ₹1.95 लाख का भुगतान

 स्कूल से कोटा बैगान बस्ती मार्ग पर सोलिंग, गिट्टी और अन्य निर्माण कार्य कराए जाने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। विभागीय लोगों की माने तो इस कार्य के लिए नियमानुसार तकनीकी स्वीकृति और मूल्यांकन की प्रक्रिया पूरी किए बिना भुगतान कर दिया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर 15वें वित्त आयोग की राशि से तीन बिलों के माध्यम से भुगतान किया गया। इनमें साईं ट्रेडर्स के नाम पर ₹90,000 और ₹45,000 के दो बिल तथा संगम ट्रेडर्स के नाम पर ₹60,000 का एक बिल शामिल है। इस तरह कुल ₹1,95,000 की राशि निकाले जाने का दावा किया जा रहा है।बिल के अनुसार जिसका भुगतान 16 सितंबर 2026 को किया गया था। 

 डेढ़ किलोमीटर सड़क, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल

जानकारी के अनुसार, स्कूल से कोटा बैगान बस्ती तक का मार्ग लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबा बताया जा रहा है। जानकारों का आरोप है कि सड़क पर लगभग पांच से छह गाड़ी गिट्टी डलवाकर ही काम पूरा दिखा दिया गया और इसके बाद राशि निकाल ली गई। 

स्वतंत्रता दिवस के लड्डू के बिल पर सवाल

ग्राम पंचायत छुही में स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान लड्डू की खरीदी के नाम पर ₹29,760 का बिल लगाकर भुगतान निकाले जाने को लेकर पहले भी सवाल उठाए गए थे। आरोप है कि कार्यक्रम के लिए लगभग 15 किलो लड्डू पंचायत में लाए गए थे, जिनमें से पांच किलो लड्डू हाईस्कूल में वितरित किए गए और शेष पंचायत में दिए गए। इसके बावजूद लड्डू की खरीदी के नाम पर इतनी बड़ी राशि का भुगतान किए जाने को लेकर पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

ग्राम पंचायत सचिव नहीं दे पाए उचित जवाब

इस संबंध में ग्राम पंचायत छुही के सचिव विजय बहादुर सिंह से फोन में जानकारी चाही गई तो उचित जवाब नहीं दे पाए सचिव ने कहा कि गांव में सड़क पर कीचड़ होने की समस्या को लेकर ग्रामीणों ने सीएम हेल्पलाइन पर 15-16 शिकायतें की थीं। उन्होंने अपने अधिकारियों से चर्चा की थी और उनके अनुसार काम कराने के लिए कहा गया था। सचिव ने बताया कि इस संबंध में लिखित में भी दिया गया है। उन्होंने कहा कि हाट बाजार की राशि का उपयोग करके सड़क का काम कराया गया। हॉट बाजार की वसूली 15 वें वित्त में जाती है,उनके मुताबिक, चाहे इसे हाट बाजार की राशि मान ले अथवा कंटरजेंसी मद का कार्य मान लें, सचिव ने यह भी स्वीकार किया कि सड़क का न तो तकनीकी स्वीकृत की गई है और मूल्यांकन भी नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि एक दिन इंजीनियर से जांच करने के लिए कहा गया था और सड़क का निर्माण सरपंच, पंच तथा गांव वालों के कहने पर कराया गया। सचिव विजय बहादुर सिंह का कहना है कि सरपंच अपने स्तर पर इतना काम तो करवा सकते हैं। 

 जांच के बाद ही स्पष्ट होगी जिम्मेदारी

ग्राम पंचायत छुही में उठे इन सवालों के बीच अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि संबंधित विभाग भुगतान अभिलेखों, ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज विवरण, तकनीकी स्वीकृति, मूल्यांकन पुस्तिका और मौके पर कराए गए निर्माण कार्य की जांच करता है या नहीं। मामला चाहे जो कुछ भी हो यह जांच का विषय है अब देखना यह होगा कि खबर प्रकाशन के बाद जिम्मेदार क्या कुछ कार्यवाही करते हैं।

इनका कहना है 

ग्राम पंचायत छुही में सड़क निर्माण कार्य की जानकारी नहीं है जब तकनीकी स्वीकृत ही नहीं हुई तो मूल्यांकन कैसे होगा,विना स्वीकृति के इतनी बड़ी राशि नहीं निकाल सकते हैं। 

इंद्रलाल सिंह

उपयंत्री

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।