Janmashtami 2026: सही तारीख, शुभ मुहूर्त, व्रत नियम और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

Janmashtami 2026 कब है? जानें सही तारीख, पूजा मुहूर्त, व्रत नियम और पूजा सामग्री लिस्ट.घर बैठे पूजा की पूरी तैयारी की जानकारी।

Aug 29, 2026 - 10:45
Aug 29, 2026 - 10:45
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Janmashtami 2026: सही तारीख, शुभ मुहूर्त, व्रत नियम और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

Janmashtami 2026: सही तारीख, शुभ मुहूर्त, व्रत नियम और पूजा सामग्री की पूरी लिस्ट

धार्मिक डेस्क:भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाने वाली जन्माष्टमी इस बार तारीख को लेकर चर्चा में है। कई लोग 3 सितंबर 2026 को पर्व मान रहे हैं, जबकि कुछ 4 सितंबर को जन्माष्टमी बता रहे हैं। ऐसे में पंचांग के आधार पर सही तिथि और शुभ मुहूर्त जानना जरूरी हो जाता है।

Krishna Janmashtami Muhurat: 

कब मनाई जाएगी जन्माष्टमी 2026?

पंचांग के अनुसार भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि 3 सितंबर 2026 की शाम से शुरू होकर 4 सितंबर तक रहेगी।

Janmashtami puja vidhi at home: 

वहीं, रोहिणी नक्षत्र 3 सितंबर की रात 11:30 बजे से शुरू होकर 4 सितंबर रात 12:14 बजे तक रहेगा. धार्मिक मान्यता के अनुसार अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र का संयोग विशेष महत्व रखता है। इसी आधार पर कृष्ण जन्माष्टमी 4 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को मनाई जाएगी।

Janmashtami fasting rules

 आधी रात में होगा कृष्ण जन्मोत्सव

जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव रात 12 बजे (निशीथ काल) में मनाने की परंपरा है। इस दौरान भक्त: लड्डू गोपाल का पंचामृत से अभिषेक करते हैं,नए वस्त्र और आभूषण से सजाते हैं,माखन-मिश्री, पंजीरी और फल का भोग लगाते हैं,भजन-कीर्तन और आरती करते हैं

Krishna Janmashtami puja time: 

 जन्माष्टमी का धार्मिक महत्व

मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण ने इसी दिन अवतार लेकर अत्याचारी कंस का अंत किया और धर्म की स्थापना की। यही वजह है कि जन्माष्टमी को अधर्म पर धर्म की विजय का प्रतीक माना जाता है।

Janmashtami 2026 date India: 

 व्रत पारण कैसे करें? भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं,रात में 12 बजे पूजा और आरती के बाद व्रत खोला जाता है,प्रसाद ग्रहण या फलाहार से पारण किया जाता है.

Janmashtami puja vidhi at home: 

कई स्थानों पर लड्डू गोपाल को झूला झुलाने की परंपरा भी निभाई जाती है, कुल मिलाकर, पंचांग के अनुसार जन्माष्टमी का मुख्य पर्व 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा, जबकि 3 सितंबर से व्रत की शुरुआत मानी जा सकती है।

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