Chaturmas End Date 2026: 21 नवंबर को खत्म होगा चातुर्मास, इस दिन से शुरू होंगी शादियां , जानें शादी के शुभ मुहूर्त

Chaturmas End Date 2026: 21 नवंबर को चातुर्मास समाप्त होगा। जानिए नवंबर और दिसंबर 2026 के शादी के शुभ मुहूर्त, चातुर्मास का महत्व और क्यों इस दौरान विवाह वर्जित माने जाते हैं।

Sep 17, 2026 - 21:06
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Chaturmas End Date 2026: 21 नवंबर को खत्म होगा चातुर्मास, इस दिन से शुरू होंगी शादियां , जानें शादी के शुभ मुहूर्त
चातुर्मास 2026 कब खत्म होगा (File Photo )

Chaturmas End Date 2026: 21 नवंबर को खत्म होगा चातुर्मास, इस दिन से शुरू होंगी शादियां , जानें शादी के शुभ मुहूर्त

धर्म डेस्क। हिंदू धर्म में चातुर्मास का विशेष महत्व माना जाता है। यह चार महीने की पवित्र अवधि होती है, जिसमें भगवान विष्णु योगनिद्रा में रहते हैं और इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश जैसे मांगलिक कार्य वर्जित माने जाते हैं। साल 2026 में चातुर्मास की शुरुआत 25 जुलाई से हुई थी, जो अब 21 नवंबर 2026 को समाप्त होगा।

चातुर्मास समाप्ति के बाद शुरू होंगे मांगलिक कार्य

धार्मिक मान्यता के अनुसार, चातुर्मास का समापन देवउठनी एकादशी के दिन होता है। इसी दिन भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागते हैं और इसके साथ ही शादी-ब्याह सहित सभी शुभ कार्यों की शुरुआत हो जाती है। यही कारण है कि नवंबर के अंत और दिसंबर में बड़ी संख्या में शादियां होती हैं।

चातुर्मास की अवधि और महत्व

चातुर्मास लगभग 4 महीने (करीब 118–120 दिन) तक चलता है। इसमें श्रावण, भाद्रपद, अश्विन और कार्तिक मास शामिल होते हैं। इस दौरान लोग जप, तप, व्रत और पूजा-पाठ पर अधिक ध्यान देते हैं और भोग-विलास से दूरी बनाए रखते हैं।

नवंबर 2026 के विवाह मुहूर्त

चातुर्मास समाप्त होते ही नवंबर में सीमित लेकिन शुभ मुहूर्त मिलते हैं:

21 नवंबर (शनिवार): सुबह 06:44 बजे से 22 नवंबर सुबह 12:08 बजे तक (रेवती नक्षत्र)

24 नवंबर (मंगलवार): रात 11:25 बजे से 25 नवंबर सुबह 06:47 बजे तक (रोहिणी नक्षत्र)

25 नवंबर (बुधवार): सुबह 06:47 बजे से 26 नवंबर सुबह 06:48 बजे तक

26 नवंबर (गुरुवार): सुबह 06:48 बजे से शाम 05:47 बजे तक

दिसंबर 2026 के विवाह मुहूर्त

दिसंबर में भी शादी के लिए कुछ ही शुभ दिन उपलब्ध हैं:

2 दिसंबर (नवमी-दशमी)

3 दिसंबर (उत्तर फाल्गुनी/हस्त नक्षत्र)

4 दिसंबर (एकादशी)

5 दिसंबर (द्वादशी-त्रयोदशी)

6 दिसंबर (त्रयोदशी)

11 दिसंबर (तृतीया)

12 दिसंबर (तृतीया-चतुर्थी)

चातुर्मास में शादी क्यों नहीं होती?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, देवशयनी एकादशी से भगवान विष्णु क्षीरसागर में विश्राम के लिए चले जाते हैं। इस अवधि में उन्हें ‘योगनिद्रा’ में माना जाता है, इसलिए शुभ कार्यों को उनका आशीर्वाद नहीं मिल पाता। इसी कारण विवाह जैसे मांगलिक कार्य टाल दिए जाते हैं और लोग इस समय को साधना, व्रत और आध्यात्मिक साधना के लिए समर्पित करते हैं।

Disclaimer: यह जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य परंपराओं पर आधारित है।

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Ravi Shukla रवि शुक्ला एक अनुभवी ग्राउंड रिपोर्टर हैं, दैनिक अखबारों और डिजिटल न्यूज़ मीडिया में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव है.रवि शुक्ला की मुख्य विशेषज्ञता हाइपर लोकल क्राइम, क्षेत्रीय राजनीति, प्रशासनिक,शिक्षा, फैसलों और ग्रामीण विषयों (खेती-किसानी) की ग्राउंड जीरो से तथ्यपरक रिपोर्टिंग करने में अच्छा अनुभव है।